तालाब की सौंदर्यीकरण में मिली प्राचीन मूर्ति, शिवलिंग बताकर लोगों ने शुरू की पूजा-अर्चना

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बाराबंकी, अमृत विचार। एक पुराने तालाब के सौंदर्यीकरण के दौरान अंदर से करीब दो फीट की प्राचीन एक प्राचीन प्रतिमा मिली। खबर फैलते ही मौके पर जनप्रतिनिधियों समेत लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सभी ने इसे शिवलिंग और उनकी प्रतिमा बताकर पूजा-अर्चना की और हर-हर महादेव के नारे लगाए। खुदाई के दौरान मिली यह प्रतिमा हजारों साल पुरानी प्राचीन बताई जा रही है। जानकारी होने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची।

थाना क्षेत्र असंद्रा के कस्बा सिद्धौर स्थित वार्ड अमहट में एक तालाब के सौदरीकरण के लिए खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान अंदर से एक प्राचीन प्रतिमा मिली। प्रतिमा मिलने के बाद खुदाई रोक दी गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। खुदाई के दौरान प्रतिमा मिलने की खबर मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष रमन्ता रावत, सिद्धौर ब्लॉक प्रमुख आरती रावत और भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी राजरानी रावत मौके पर पहुंची। सभी ने शिवलिंग बताकर उसपर बनी प्रतिमा की पूजा अर्चना की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने हर-हर महादेव के नारे लगाए। जानकारों का कहना है कि खुदाई के दौरान मिली यह प्रतिमा हजारों साल पुरानी पुरानी है।

दरअसल नगर पंचायत सिद्धौर के अमहट वार्ड स्थित अमहट तालाब का 1.65 करोड़ की लागत से 20 दिनों से नगर पंचायत द्वारा सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। पहले जेसीबी से खोदाई कराई गई। उसके बाद ट्रैक्टर के करहा से मिट्टी निकाली जा रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर से एक मूर्ति टकराई। लोग इसे भगवान शिव की मूर्ति बताकर इसकी पूजा अर्चना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कि इस तालाब की पहले से काफी मान्यता है। अगर कोई बच्चा बोलता नहीं है तो इस तालाब में नहलाकर पानी पिलाया जाता है।

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