दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए एक्शन मोड में आईं सीपीसीबी की 50 टीमें
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए 50 टीमें एक्शन मोड में आ गईं हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को अपने आवास से सभी टीमों को दिल्ली एनसीआर के चिन्हित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ये टीमें 15 अक्टूबर से 28 फरवरी 2021 तक एक्टिव रहेंगीं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड …
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए 50 टीमें एक्शन मोड में आ गईं हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को अपने आवास से सभी टीमों को दिल्ली एनसीआर के चिन्हित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ये टीमें 15 अक्टूबर से 28 फरवरी 2021 तक एक्टिव रहेंगीं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ये टीमें पूरे एनसीआर में घूमकर हवा दूषित करने वाले सोर्स का पता लगाएंगी। राजधानी दिल्ली के अलावा एनसीआर में शामिल हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, झज्जर, पानीपत, सोनीपत, राजस्थान के अलवर, भरतपुर और उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में चिन्हित उन हॉटस्पॉट पर नजर रखेंगी जहां से प्रदूषण फैलने की सर्वाधिक आशंका है। जहां कहीं भी प्रदूषण फैलता मिलेगा वहां की स्पॉट रिपोर्टिंग करेंगी।
ये टीमें फील्ड में जाकर प्रदूषण फैलाने की वजह बने कारकों मसलन, सॉलिड वेस्ट, धूल से भरीं टूटी सड़कों, बिल्डिंग ध्वस्तीकरण, कूड़े-कचरे का ढेर, खुले में कचरे को जलाने आदि पर नजर रखेंगी। पराली जलाने की घटनाओं पर टीमें विशेष नजर रखेंगी। टीमें यह भी पता लगाएंगी कि कहीं प्रतिबंधित क्षेत्र में इंडस्ट्रीज तो संचालित नहीं हो रहीं हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें सभी एजेंसी से कोऑर्डिनेशन कर एक्शन सुनिश्चित कराएंगी।
