बरेली: कार्य-विरत कुलसचिव का आदेश माना तो होगी कार्रवाई- कुलपति
कुलपति ने अजय कृष्ण यादव के 12 के बाद जारी सभी आदेशों को बताया विधि विरुद्ध
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कार्य-विरत कुलसचिव अजय कृष्ण यादव के 12 अप्रैल के बाद जारी सभी पत्रों और आदेशों को विधि विरुद्ध और अधिकारिता से परे बताया है। उन्होंने आदेश दिया कि अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और महाविद्यालयों ने कार्य-विरत के आदेश मानें तो कार्रवाई होगी और इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।
कुलपति ने आदेश दिया कि कुलसचिव अजय कृष्ण यादव को 12 अप्रैल को कार्य-विरत किया गया है। कुलाधिपति के दिशा-निर्देश प्राप्त होने और अग्रिम आदेशों तक विशेष सचिव का पत्र विश्वविद्यालय में अद्यतन क्रियान्वित नहीं है। अजय कृष्ण यादव अनाधिकृत और नियम विरुद्ध तरीके से 12 अप्रैल से आदेश, पत्राचार और कार्यालय ज्ञापन जारी कर रहे हैं जो अवैध हैं।
कुलपति के आदेश के बिना जारी किए गए आदेश मान्य नहीं हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों और महाविद्यालयों को निर्देश दिया जाता है कि कार्य-विरत कुलसचिव अजय कृष्ण यादव के आदेश को विश्वविद्यालय का अधिकारिक पत्र मानकर कोई भी कार्रवाई करते हैं तो वह विधि मान्य नहीं होगी और संबंधित के लिए खुद उत्तरदायी होंगे।
वित्त अधिकारी ने खुद बिल बाउचर पर किए साइन
कुलपति पर पूर्व वित्त अधिकारी की ओर से लगाए गए आरोपियों को मीडिया सेल प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि वित्त अधिकारी केके शंखधार ने अपने पद से हटाए जाने के बाद विश्वविद्यालय के संबंध में राजभवन और शासन को पत्र भेजे हैं जबकि सभी बीएड प्रवेश परीक्षा के भुगतान उनके द्वारा ही किए गए हैं। सभी वित्तीय लेन देन की ऑडिट रिपोर्ट वर्ष 2023 में जारी हो चुकी है और उत्तर प्रदेश सरकार और राजभवन को सौंपी जा चुकी है। सभी टिप्पणियां एवं कार्यवाही सुनिश्चित हो चुकी हैं, जिससे सरकार संतुष्ट है।
कुलसचिव ने कर्मचारियों से मांगा जवाब
कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने शुक्रवार को कार्यवाहक कुलसचिव सुनीता यादव के पटल परिवर्तन के आदेश को मानने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। कुलसचिव का कहना है कि पटल परिर्वतन नियम विरुद्ध किए गए हैं। सुनीता यादव ने आठ बाबुओं के स्थानांतरण का आदेश दिया था। जिसके बाद कर्मचारियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया।
फाइलें दबाने पर शासन ने कुलसचिव से मांगा जवाब
शासन ने कुलसचिव अजय कृष्ण यादव से शिक्षकों की प्रोन्नति के बाद वेतन निर्धारण की फाइलें दबाने और अमरोहा के भागीरथी देवी कॉलेज की प्रबंध समिति के मामले में लापरवाही पर जवाब मांगते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी है। उच्च शिक्षा अनुभाग के उप सचिव एसपी मिश्र की ओर 19 मार्च को कुलसचिव अजय कृष्ण यादव को पत्र लिखा कि कुलपति ने निर्देश के बाद भी उन्होंने नौ शिक्षकों की प्रोन्नति के बाद भी वेतन निर्धारण की फाइलें निस्तारित नहीं कीं। इसकी वजह से शिक्षकों ने उनका घेराव भी किया। शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी हुई।
शिक्षक लगन और मेहनत से विश्वविद्यालय को नैक ए डबल प्लस रैक दिलाई लेकिन आपके गैर जिम्मेदाराना भरे आचरण, लापरवाही और हीलाहवाली से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है। ऐसे में लंबित पत्रावलियों का निस्तारण करें। इसके अलावा भागीरथी देवी महाविद्यालय मंडी धनौरा अमरोहा में प्रबंध समिति के चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत राजभवन में की गई थी।
राजभवन और कुलपति की ओर से जांच कर नियमानुसार कार्यवाही कर रिपोर्ट देनी थी लेकिन बार-बार रिमाइंडर के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं। शिक्षकों ने भी किसी राजनीति पार्टी का संरक्षण होने, बिना वजह परेशान करने और विश्वविद्यालय की छवि खराब करने के आरोप लगाए। ऐसे में उन्होंने कुलपति के आदेशों-निर्देशों की अवहेलना की, राजकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही की जो उत्तर प्रदेश सरकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है। ऐसे में उन्हें 15 दिन में स्पष्टीकरण देना है और न देने पर कार्यवाही की जाएगी।
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