अमेठी: आरजीआईपीटी में ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम की शुरुआत
जायस/अमेठी, अमृत विचार। गुरुवार को राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान ने ज्ञानार्पण (प्रोजेक्ट अमेठी: शिक्षा एवं समावेशी विकास) पहल के अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण स्कूली बच्चों के अध्ययन को निर्बाध रूप से जारी रखने के उद्देश्य से ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम शुभारंभ किया गया। इसके अतंर्गत अमेठी जनपद के कक्षा नौ से बारह तक के …
जायस/अमेठी, अमृत विचार। गुरुवार को राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान ने ज्ञानार्पण (प्रोजेक्ट अमेठी: शिक्षा एवं समावेशी विकास) पहल के अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण स्कूली बच्चों के अध्ययन को निर्बाध रूप से जारी रखने के उद्देश्य से ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम शुभारंभ किया गया। इसके अतंर्गत अमेठी जनपद के कक्षा नौ से बारह तक के छात्र-छात्राओं हेतु विज्ञान (भौतिकी व रसायन), गणित एवं अँग्रेजी विषयों की ऑनलाइन कक्षाएँ आयोजित की जाएंगी।
इसके अतंर्गत अमेठी जनपद के कक्षा नौ से बारह तक के छात्र-छात्राओं हेतु विज्ञान (भौतिकी व रसायन), गणित एवं अंग्रेजी विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।इस पहल को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संस्थान, हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल) की वित्तीय सहायता से प्रयोगात्मक रूप से प्रथम चरण में जनपद के निम्न आय-वर्ग के मेधावी 100 छात्र-छात्राओं को एंड्राइड फोन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे सुचारू रूप से अध्ययन जारी रख सकें।
एच.ए.एल. अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत मोबाइल फोन उपलब्ध कराने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है। इसके अंतर्गत योग्य छात्रों का चयन उनके पूर्ववर्त्ती कक्षाओं के प्राप्तांक एवं इस शपथ के आधार पर निःशुल्क रूप में दिए गए कि उनके पास एंड्राइड फोन नहीं है। इसमें बालिकाओं एवं अजजा के बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उनके लिए 10-10 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।
इस अवसर पर उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक आचार्य अखौरी सुधीर कुमार सिन्हा ने कहा कि राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। यह ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम उसी के अंतर्गत शुरू किया गया है। गरीब बच्चों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में, विभिन्न विद्यालयों के चुनिंदा 100 बच्चों को एंड्राइड फोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि उनसे प्राप्त प्रतिक्रिया के अनुरूप कार्यक्रम में समुचित सुधार कर उपयोगी बनाया जा सके। इस प्रयोगात्मक चरण के बाद जनपद के लगभग 1000 मेधावी बच्चों को मोबाइल हैंडसेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
