शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह भिखीविंड की गोली मार कर हत्या

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अमृतसर। पंजाब में आंतकवाद दौर में आंतकवादियों का बहादुरी से सामना करने वाले शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह भिखीविंड की शुक्रवार को तरनतारन के भिखीविंड में स्थित उनके निवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी। बलविंदर सिंह की पत्नी जगदीप कौर ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे कुछ अज्ञात …

अमृतसर। पंजाब में आंतकवाद दौर में आंतकवादियों का बहादुरी से सामना करने वाले शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह भिखीविंड की शुक्रवार को तरनतारन के भिखीविंड में स्थित उनके निवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी। बलविंदर सिंह की पत्नी जगदीप कौर ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे कुछ अज्ञात लोग उसके घर में घुसे और बलविंदर सिंह पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई।

बलविंदर सिंह के भाई रंजीत सिंह ने दावा किया है कि हमले के पीछे आतंकवादी हो सकते हैं, हालांकि पुलिस ने अभी पक्के तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा है। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आवश्यक जांच कर रहे हैं। आरएमपीआई की जिला कमेटी के सदस्य और कामरेड हरकिशन सिंह सुरजीत के साथी रह चुके कामरेड बलविंदर पंजाब में बहादुरी के साथ आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए कामरेड बलविंदर सिंह भिखीविंड तथा उनके पूरे परिवार को साल 1993 में राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा द्वारा शौर्यचक्र से सम्मानित किया था।

उनके साथ उनकी पत्नी जगदीप कौर, भाई रणजीत सिंह और भुपिंदर सिंह को भी शौर्यचक्र और शाल दे कर सम्मानित किया गया था। उनके परिवार के सदस्यों को संदेह है कि उनकी हत्या के पीछे आतंकवादी हो सकते हैं। राज्य में आंतकवाद दौरान बलविंदर सिंह का आंतकवादियों के साथ 13 बार मुकाबला हुआ था।

उन्होंने तथा उनके परिवार ने बड़ी बहादुरी से आंतकवादियों को परास्त किया था। उनकी बहादुरी को देखते हुए राष्ट्रपति ने उन्हे शौर्यचक्र से सम्मानित किया था। पंजाब सरकार ने हाल ही में बलविंदर सिंह की सुरक्षा हाल ही में वापस ले ली थी। उन्होंने फैसले का विरोध किया था क्योंकि उस पर पूर्व में भी हमला किया गया था। 2017 में, कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके आवास पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं। सौभाग्य से हमले के दौरान उनके परिवार के सदस्यों में से कोई भी घायल नहीं हुआ।

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