बाराबंकी: गाय-भैंसों का बनेगा आधार, टैगिंग लगाने का अभियान शुरू

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। बाराबंकी में टैगिंग, राष्ट्रीय गोकुल मिशन (KCC) योजना के तहत पालतू मवेशियों की पहचान के लिए भैंस और गायों को ईयर टैग लगवाने का निर्देश दिया गया है। जिसमें पशु चिकित्सालय के द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में वैक्सीनेटर एवं हेल्पर का चयन किया गया है। इन्हीं वैक्सीनेटर एवं हेल्परों के द्वारा अभियान चलाया जा …

बाराबंकी। बाराबंकी में टैगिंग, राष्ट्रीय गोकुल मिशन (KCC) योजना के तहत पालतू मवेशियों की पहचान के लिए भैंस और गायों को ईयर टैग लगवाने का निर्देश दिया गया है। जिसमें पशु चिकित्सालय के द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में वैक्सीनेटर एवं हेल्पर का चयन किया गया है। इन्हीं वैक्सीनेटर एवं हेल्परों के द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान में भैंस व गायों को टीका लगाने के साथ साथ टैग भी लगाया जा रहा है। जिससे पालतू मवेशियों को आने वाली बीमारी खुरपका व मुहपका से बचाया जा सके। जो कि यह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जब कि यह बीमारी मवेशियों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होती है। ऐसे में मवेशियों को बचाने के लिए सरकार द्वारा पशु चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर मवेशियों का टीकाकरण करते हुए टैग भी लगाएं।

वहीं पशु चिकित्सालय की तरफ से सभी पशु पालकों से अनुरोध किया जा रहा है कि सभी पशुओं को टैग लगवा लें। जिससे सभी पशुओं के टैगिंग के बाद पशुओं का टीकाकरण हो सके। जबकि सभी पशु चिकित्सालयों को बीस-बीस गावों को चयनित किया गया है। जिसमें चयनित गावों में निशुल्क टीका व टैग लगाया जाएगा। जबकि त्रिवेदीगंज क्षेत्र के पशु चिकित्सालयों के चयनित दहिला, दुंन्दीपुर, हुसैनाबाद, भिलवल, मकनपुर, खैराबीरू, अचाकापुर, बलाखेड़ा, गाजी खेड़ा, फतेहपुर जमरवा, खैरा कनकू, विशुनपुर आदि गावों में लगभग नौ हजार से ज्यादा पशुओं को टैग व टीका लगाया जा चुका है।

टैगिंग क्या है और इसके फायदे
टैगिंग का उद्देश्य गोवंश की नस्ल व दूध उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। इससे गोवंश के अवैध परिवहन पर अंकुश भी लगेगा और गुम हुए गोवंशों को ढूंढने में आसानी होगी। टीकाकरण के बाद दिए जाने वाले कार्ड पर पशु का यूआईडी दर्ज किया जा रहा है। इससे पशुओं की बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।

  • पशुओं का आधारकार्ड है टैगिंग।
  • पशुओं को खरीदते व बेचते समय मांगा जाएगा टैग नंबर।
  • पशुओं की चोरी होने पर टैग चलेगा पता।
  • जिनको टैग लगा होगा उन्ही को लगेगा टीका।
  • बीमा कराते समय नहीं लगेगा दुबारा टैग।
  • पशुओं को दवाई टैग नंबर के आधार पर ही मिलेगी।
  • सभी पशुओं को टैग लगवाना हुआ अनिवार्य।
  • अब आसानी से सभी पशुओं की करवा सकेंगे केसीसी

वहीं जब इस सम्बन्ध में जब पशु चिकित्सालय त्रिवेदीगंज डॉ. ओम प्रकाश सिंह से बात की गई तो उहोंने बताया कि टैगिंग, राष्ट्रीय गोकुल मिशन केसीसी भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। किसानों को इससे बहुत लाभ मिलेगा। पशु पालकों से मेरा अनुरोध है कि सभी पशुओं को टैग लगवाएं। पशुओं की आधारकार्ड टैगिंग के बाद ही सभी पशुओं का टीकाकरण हो सकेगा। सभी चयनित गावों में नि:शुल्क टीका होगा जिनके यहां टैग लगा होगा और पशुओं की केसीसी करवाकर पशुओं को खिलाना पिलाना बीमा इलाज आदि में खर्च कर सकते है।

संबंधित समाचार