लखनऊ : जाली दस्तावेज पर नियुक्ति पाने वाला शिक्षक गिरफ्तार

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मदरसों में फर्जी नियुक्तियों के मामले में हजरतगंज पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी

रजिस्ट्रार डॉ. प्रियंका अवस्थी ने पिछले साल अगस्त में दर्ज कराई थी एफआईआर

लखनऊ, अमृत विचार। मदरसा फर्जी नियुक्ति के मामले में हजरतगंज पुलिस ने रविवार को पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी फय्याज अहमद मिस्बाही ने जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। इस मामले में पिछले साल अगस्त माह में मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार डॉ. प्रियंका अवस्थी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में प्रबंधक, शिक्षक, क्लर्क नामजद आरोपी है। पुलिस की जांच में कुछ और नाम सामने आए हैं। जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है।


प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी फय्याज बहराइच के कटरा बाजार थानाक्षेत्र स्थित मिसरौलया का रहने वाला है। आरोपी ने जाली शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र के आधार पर मदरसा अहने सुन्नत नुरुल उलूम अनीकिन्या, महाराजगंज तराई, जनपद बलरामपुर में शिक्षक की नौकरी हासिल की। उसके दस्तावेजों को मदरसा के प्रबंधक सुबराती, प्रधानाचार्य और लिपिक अब्दुल कदीर की सांठगांठ से तैयार कराया था।

उसका वेतन भी मदरसा बोर्ड से पास करा लिया। फय्याज ने अपने अलावा कई लोगों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाई। फय्याज ने प्रबंधक, प्रधानाचार्य और लिपिक की मदद से शहादत अली की नियुक्ति पत्रावली व वेतन बिल तैयार किया। मदरसा बोर्ड के बाबू श्रवण के पास शहादत अली और अहमद रजा की नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियां पाई गई। इसे बोर्ड से अनुमोदित कराने के लिए फय्याज ने श्रवण की मिली भगत से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब करा दिए। फय्याज पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन के गबन और ठगी का आरोप है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में कई साक्ष्य मिले हैं।

नियुक्ति के नाम पर करोड़ों का किया बंदरबांट

पुलिस के मुताबिक फर्जी नियुक्तियों के नाम पर ठगी करने का गिरोह काफी दिनों से सक्रिय है। इस गिरोह का नेटवर्क लखनऊ से लेकर बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या, वाराणसी और आजमगढ़ तक फैला है। इसी गिरोह में आरोपी फय्याज अहमद मिस्बाही मदरसों में फर्जी नियुक्ति कराने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। इसके माध्यम से कई शिक्षकों ने मदरसे में नियुक्ति पाई है। इसके बदले करोड़ों रुपये वसूले गए। इसका बंदरबांट प्रबंधक, प्रधानाचार्य से लेकर बिचौलिये और बोर्ड के बाबू व अधिकारियों के बीच हुआ। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति की कुंडली खंगाल रही है।

प्रॉपर्टी और नया मदरसा खोलने में करते है रकम का प्रयोग

पुलिस के मुताबिक मदरसा फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह काफी बड़ा है। इसमें कई बड़े अधिकारी और नेता भी शामिल है। इनकी कुंडली भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में सामने आया कि मदरसों में फर्जी नियुक्ति कराने वाला गिरोह वसूली की रकम का प्रयोग दूसरे कारोबार में करता है।

वसूली की रकम को गिरोह के ज्यादातर सदस्य प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त और नये मदरसे खोलने में करते है। वहीं जिनकी नियुक्ति नहीं हो पाती और वह रकम वापसी का दबाव बनाते हैं। उनको गिरोह के सदस्य किस्तों में रुपये वापस करते हैं। उनसे समझौता पत्र भी लिखवाते हैं। ताकि बाद में कोई विवाद न खड़ा हो।

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