बलिया: शरीर पर कफन, हाथों में कटोरा और हथकड़ी...अनोखे अंदाज में नामांकन करने पहुंचा प्रत्याशी
बलिया। लोकसभा चुनाव के बीच सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव-प्रचार में लगीं हैं। अब तक चार चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है। तीन चरणों के चुनाव अब बाकी हैं। प्रत्याशियों की नामांकन की प्रकिया लगातार जारी है। इस बीच एक प्रत्याशी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जो चौंकाने वाला है।
कफन, हाथों में कटोरा और हथकड़ी देख हैरान लोग
बलिया जिले के नामांकन स्थल में यहां पर 72 लोकसभा बलिया का प्रत्याशी राधेश्याम यादव कफन पहनकर हाथों में कटोरा और हथकड़ी में दिखाई दिए। ऐसे हालात में देखकर लोग हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि वह एक समान शिक्षा के लिए पूरे प्रदेश में काम करना चाहते हैं। इसलिए वह आज जिलाधिकारी कार्यालय पर नामांकन करने के लिए कफन पहनकर आए हैं।
प्रत्याशी का केवल एक ही मुद्दा
बलिया के प्रत्याशी का केवल एक ही मुद्दा है कि देश में शिक्षा एक समान होनी चाहिए। जिस तरह सांसद, विधायक अपने बच्चों को पढ़ाते हैं ठीक उसी तरह की शिक्षा वोट देने वालों के बच्चों को भी मिलनी चाहिए। कफन, हाथों में कटोरा और हथकड़ी पहनकर आने का मकसद बताते हुए कहा कि आजाद भारत का गुलाम हिंदुस्तान है। इस देश में सांसद, विधायक, कलेक्टर और एसपी की अलग एक कैटेगरी है। गुलाम इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि पहले अंग्रेज शोषण करते थे अब नेता शोषण करते हैं।
उनका कहना है कि वह इसलिए कफन पहन कर आए हैं। क्योंकि, सांसद और विधायक के बच्चों जैसी शिक्षा अपने बच्चों को नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए, वह अपने आप को मरा हुआ समझता हैं।
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