बरेली: सात महीने बाद कल से दोबारा होगी स्कूलों में पढ़ाई
बरेली,अमृत विचार। सोमवार से कक्षा 9 और 12वीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। इस सत्र में सात माह बाद पहली बार स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। ऐसे में अभिभावकों, बच्चों और शिक्षकों सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। अभिभावकों से अनुमति पत्र लेने के बाद ही बच्चों को स्कूल …
बरेली,अमृत विचार। सोमवार से कक्षा 9 और 12वीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। इस सत्र में सात माह बाद पहली बार स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। ऐसे में अभिभावकों, बच्चों और शिक्षकों सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। अभिभावकों से अनुमति पत्र लेने के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने 19 अक्टूबर से स्कूल खोलने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने की लिखित में अनुमति दें केवल उन्हीं को स्कूल बुलाया जाएगा। आदेश आते ही स्कूल तैयारियों में जुट गए थे। अब तक सीबीएसई-आईसीएसई और यूपी बोर्ड के सभी स्कूलों ने तैयारियां पूरी भी कर ली हैं। फिर भी शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को सावधानियां बरतने की जरूरत है क्योंकि इस बार स्कूलों में आम दिनों की तुलना में शर्तें कुछ ज्यादा ही लगाई गई हैं। कक्षाओं में सीटों को भी दूर-दूर लगवाया गया है। पहले जिन सीटों पर एक साथ तीन बच्चे बैठते थे, उन पर अब केवल एक ही छात्र बैठेगा।
इन बातों का रखें ध्यान
– छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए मास्क अनिवार्य है
– स्कूल जाते वक्त हैंड सैनेटाइजर ले जाना अनिवार्य है
– बच्चों और शिक्षकों को पानी की बोतल साथ में ले जानी होगी
– कॉपी-किताबों को एक-दूसरे के साथ नहीं बदलना है
– सभी को सैनेटाइज, हैंड वॉश करना जरूरी
– स्कूल के प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंग जरूरी
– क्लास, लाइब्रेरी आदि जगहों पर ज्यादा चीजों को नहीं छूना है
– स्कूल आते-जाते वक्त रास्ते में चीजों को स्पर्श नहीं करना है
शासन स्कूल के अन्य मदों को खर्च करने की दे अनुमति
शासन ने स्कूलों को दोनों पालियों में कक्षाओं और पूरे स्कूल परिसर को सैनेटाइज कराने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में प्रधानाचार्यों के सामने समस्या आ रही है कि हर दिन बिना बजट के स्कूलों को अपने पैसे से कब तक सैनेटाइज कराया जाएगा। इस पर स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि यदि शासन सैनेटाइजेशन के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं दे रहा है तो वह स्कूलों के अन्य मदों को खर्च करने की अनुमति दे। जिन मदों का प्रयोग कोरोना संक्रमण काल में नहीं हो रहा है उनका प्रयोग सैनेटाइजेशन और सैनेटाइजर खरीदने में किया जा सकता है।
