बरेली: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
बरेली,अमृत विचार। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ कर पूजन के विशेष आयोजन हुए। देवी पंडालों में रंगीन रोशनी के बीच भक्तों ने मैया के दर्शन किए। कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, नवदुर्गा मंदिर में नारियल, चुनरी, बताशा, …
बरेली,अमृत विचार। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ कर पूजन के विशेष आयोजन हुए। देवी पंडालों में रंगीन रोशनी के बीच भक्तों ने मैया के दर्शन किए। कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, नवदुर्गा मंदिर में नारियल, चुनरी, बताशा, फूल आदि देवी प्रतिमा पर समर्पित किये। छावनी स्थित धोपेश्वर नाथ मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन-पूजन हुआ। साथ ही महिलाओं ने बच्चों का मुंडन कराया। कई श्रद्धालुओं ने मन्नतें पूरी होने पर मां को भोग लगाया।
बता दें कि इस बार श्राद्ध के बाद अधिमास लगने के कारण नवरात्र एक महीने देरी से शुरू हुए हैं। शारदीय नवरात्र को लेकर घरों और मंदिरों में मां के दरबार सजे हुए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में सादगी से पूजा-अर्चना की जा रही है। नवदुर्गा मंदिर के पुजारी योगी किशोर नाथ ने कहा कि नवरात्र में रोजाना भक्तों की संख्या बढ़ रही है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर ही पूजा-अर्चना करवाई जा रही है।
कालीबाड़ी मंदिर में भक्तों को दूसरे दिन भी नहीं मिला प्रवेश
नवरात्र में भक्तों को मंदिर में प्रवेश की उम्मीद थी लेकिन कोरोना के चलते कालीबाड़ी मंदिर कमेटी ने मुख्य द्वार के बाहर से ही भक्तों को दर्शन कराए। नवरात्र के दूसरे दिन कालीबाड़ी मंदिर में कई भक्तों ने पुजारी बृजेश कुमार गौड़ से मंदिर के अंदर प्रवेश देने के लिए कहा।
दरसअल, कालीबाड़ी मंदिर के बाहर खड़े होकर कई भक्त पूजा-अर्चना नहीं कर पा रहे हैं। एक तो ट्रैफिक ऊपर से सीवर लाइन की वजह से खुदी सड़क से पूरा रास्ता तहस-नहस हो गया है। इस वजह से कई भक्त न तो आरती कर पा रहे हैं और न ही दुर्गा सप्तशती का पाठ कर पा रहे हैं। बृजेश कुमार गौड़ ने कहा कि कोरोना की गाइडलाइन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे इसलिए मंदिर के अंदर भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है।
