कासगंज: सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की मांग, कटानरोधी कार्यों के लिए अभी से दिखाई जाए गंभीरता
महमूदपुर पुख्ता की तर्ज पर अन्य क्षेत्रों में कराए जाएं कार्य
महमूदपुर पुख्ता पर बनाया गया मजबूत बांध
कासगंज, अमृत विचार। मानसून सत्र में जब बाढ़ आएगी, तब समस्या का सामना करना पड़ेगा। हर साल कटान का खतरा मंडराता है। इस साल भी खतरे की संभावना है। ऐसे में कटानरोधी कार्य मजबूती से कराया जाए। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह मांग उठाई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज ने मंगलवार को सिचाई विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्होंने बताया कि बार-बार सरकारी धन गंगा कटान रोकने के लिए लगाया जाता है, लेकिन हर साल बारिश आने पर गंगा किनारे के गांव खतरे में पड़ जाते हैं। बरौना, मिहोला, कादरगंज पुख्ता और सहवाजपुर पर साढ़े बारह करोड़ की लागत से वर्तमान मे चल रहा बांध कार्य अच्छा और टिकाऊ नहीं है। फिर से गांववासी बाढ़ की त्रासदी झेलने को विवश नजर आएंगे।
इसलिए सोरों ब्लाक के गांव इस्माइलपुर-महमूदपुर पुख्ता पर 1980 में गंगा कटान और बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए लोहे के जाल में फंसा कर पत्थरों की ठोकरो से जो बांध बनाया गया था। वह गंगा कटान रोकने में ज्याद मजबूत और कारगर है। यह कार्य पिछले 45 साल से जस का तस है। ऐसा ही काम गंगा कटान को रोकने के लिए होना चाहिए था, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा यह काम न करा कर पीपी बैंग व जीओ बैंग बांध बनाए जा रहे हैं। जिससे बार-बार सरकारी पैसा गंगा कटान रोकने के लिए लगाया जाता है और बाढ़ के समय यह विफल साबित होता है।
ऐसे में पटियाली विधानसभा में जो पैसा गंगा कटान के रोकने के लिए लगया जा रहा है। वह सारा का सारा व्यर्थ जाएगा, क्योंकि यह बांध कटान रोकने में सफल नहीं है। अगर पत्थरों की ठोकरे बना बांध कार्य हो तब जाकर गंगा कटान और बाढ़ से राहत मिल सकती है, अन्यथा वर्तमान में चल रहा बांध कार्य सरकारी पैसे का दुरुपयोग बनकर साबित होगा।
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