Bareilly News: अब बच्चे भी हो रहे सिजोफ्रेनिया के शिकार, जिला अस्पताल के मन कक्ष में हर महीने पहुंच रहे 100 से अधिक मरीज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। आपके परिवार का कोई सदस्य यदि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है, जोर-जोर के हंसने लगता है या बेवजह खूब पैसा खर्च करता है तो सावधान हो जाएं और मनोचिकित्सक से सलाह लें। हो सकता है कि वह सिजोफ्रेनिया की चपेट में हो। बड़ों के साथ अब 10 से 16 साल के मरीजों की भी संख्या बढ़ी है।

हर महीने नहीं बल्कि वर्ष 2023 से चाइल्डहुड सिजोफ्रेनिया यानि 10 से 16 साल के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल के मनकक्ष में हर महीने ऐसे 100 मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें चार से पांच मरीज 10 से 16 साल की उम्र के आ रहे हैं।

मनोचिकित्सक डॉ. अशीष कुमार बताते हैं कि वर्ष 2022 तक चाइल्डहुड यानि कम उम्र के मरीजों में सिजोफ्रेनिया के मामले नहीं थे लेकिन 2023 से इनके मामले भी सामने आने लगे हैं। सिजोफ्रेनिया में मरीज वास्तविकता से अलग काल्पनिक दुनिया में जीने लगते हैं। खुद से बड़ी-बड़ी बातें करना, अपनों से जान के खतरे का आभास, बिना बात मुस्कराने लगता है।

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