बाराबंकी: इजराइल पहुंचे 110 श्रमिक, 75 को नहीं मिला कॉल लेटर, प्रति माह 1.25 लाख रुपये मिलेगी मजदूरी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पांच साल तक भवन निर्माण से कमाई करेंगे श्रमिक, एक से पांच साल तक है विदेश में रहने का अनुबंध

रीतेश श्रीवास्तव, बाराबंकी, अमृत विचार। इस्राइल और हमास के बीच हुए युद्ध के बाद वहां पर श्रमिकों की जरूरत बताई गई थी। इसमें कई श्रेणी के श्रमिकों को काम के लिए बुलाया गया था। ऐसे में जिले से भी श्रमिकों को वहां पर भेजा जाना है।  जिसके चलते जिले से अलग-अलग श्रेणी में सैकड़ों की संख्या में आवेदन आए थे। श्रम विभाग ने यह सूची लखनऊ भेजी थी। इसके बाद वहां से 344 श्रमिकों को चिन्हित किया गया है।

इन सभी मेडिकल और पुलिस वैरिफिकेशन आदि की कार्रवाई पूरी करने के बाद 110 श्रमिकों को दिल्ली के रास्ते हवाई जहाज से इजराइल भेजा गया है। विदेश पहुंचने के बाद यह श्रमिका हमास के साथ हुए युद्ध में ध्वस्त हुए भवनों को बनाने में जुट गए हैं। इन श्रमिकों को प्रति माह 1.25 लाख रुपये मजदूरी मिलेगी। इन्हे पांच साल के वीजा पर भेजा गया है। वहीं अभी 75 श्रमिक इसराइल सरकार के कॉल लेटर के इंतजार में तैयार बैठे हैं।

श्रमिकों को भारत सरकार के राष्ट्रीय काैशल विकास कॉरपोरेशन के माध्यम से रोजगार देने के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिले के चार सौ से अधिक श्रमिकों ने आवेदन किया था। इनमें से टाइल्स, राज मिस्त्री, बिल्डिंग, फ्रेम वर्क, शटरिंग कारपेंटर, आयरन वेल्डिंग आदि कार्य के लिए 344 श्रमिकों का चयन हुआ था। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पुलिस द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन भी कराया गया।

चयनित श्रमिकों के कार्य का परीक्षण भी लखनऊ में इजराइल कंपनी के अधिकारियों के सामने हुआ था। सभी जरुरी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद 110 श्रमिकों को इजराइल सरकार की पीबा यानी पाॅप्यूलेशन एंड इमीग्रेशन अर्थारिटी यानी जनसंख्या और आप्रवासन प्राधिकरण के बुलावे पर बीते पांच मई तक दो चरणों में भेजा गया है। यह श्रमिक अनुबंध के अनुसार एक से पांच साल तक इजराइल में रहकर अपने ग्रेड के अनुसार कार्य करेंगे। यही नहीं इस बीच श्रमिक अवकाश लेकर अपने वतन आवागमन भी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें खुद खर्च उठाना पड़ेगा।

इजराइल पहुंचने के बाद यह श्रमिक भवन निर्माण के संबंधित कार्यों में भी जुट गए हैं। इन्हें पारिश्रमिक के तौर पर प्रति माह एक लाख 25 हजार रूपये मिलेगा। इसके अलावा कंपनी की ओर से पीएफ व अन्य कई चीजों पर धनराशि काट कर जमा होगी। जो इन्हें देश वापस लौटते समय मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा के तहत चिकित्सा बीमा तथा प्रवासी भारतीय बीमा योजना 2017 की सुविधाएं भी श्रमिकों को दी जाएंगी। सहायक श्रमायुक्त मयंक सिंह ने बताया कि 110 श्रमिकों को पीबा ने लेटर दे दिया था। पांच मई तक दिल्ली के रास्ते हवाई जहाज से इन्हें दो चरणों में भेजा गया है। 

कॉललेटर के इंतजार में बैठे 75 श्रमिक

सभी जरुरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के साथ 75 श्रमिक इजराइल जाने के इंतजार में बैठे हैं लेकिन इजराइल सरकार की नामित कंपनी पीबा द्वारा अभी इनके कॉल लेटर नहीं भेजा गया है। ऐसे में यह श्रमिक बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा 157 और श्रमिकों को इजराइल भेजने के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इन सभी की कागजी कार्रवाई के साथ टिकट के लिए धनराशि  जमा कराने की तैयारी की जा रही है। करीब 342 श्रमिकों को भेजने की बात कही जा रही है।

यह भी पढ़ें:-रवि किशन का दावा- आधा दर्जन से अधिक विपक्षी दलों का अस्तित्व चार जून के बाद समाप्त हो जाएगा

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
CJP Protest: सीजेपी-सरकार वार्ता खत्म, तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला कल संभव