बरेली: दलालों ने जिले में कितनी सुहागिनों को बनाया विधवा?, जांच शुरू
बरेली, अमृत विचार: जिले में सिस्टम के दलालों ने सरकारी पैसे के बंदरबांट के लिए कितनी सुहागिन महिलाओं को कागजों में विधवा बनाया, इसकी जांच शुरू हो गई है। कुछ समय पहले अमृत विचार ने बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले का खुलासा किया था। अब जिला प्रशासन की ओर से जिले के सभी बीडीओ को विधवा पेंशन की लाभार्थियों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
रामनगर ब्लॉक के गांव गोठा खंडुआ में पिछले साल अमृत विचार के ही खुलासे के बाद 46 सुहागिन महिलाओं को विधवा पेंशन देने का मामला पकड़ा गया था। इस फर्जीवाड़े का साफ इशारा था कि जिले के दूसरे ब्लॉकों में भी इस तरह के और मामले हो सकते हैं लेकिन इसके बावजूद महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इसकी छानबीन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिला प्रशासन ने सत्यापन का आदेश दिया लेकिन उस पर भी खानापूरी कर दी।
पिछले महीने डीपीओ दफ्तर में ही मौजूद एक और लिस्ट अमृत विचार के हाथ लगी जिसमें विधवा पेंशन की तीन सौ से ज्यादा संदिग्ध लाभार्थियों के नाम थे। इस लिस्ट की छानबीन करने पर पता चला कि तमाम लाभार्थियों के पति जीवित हैं और इसके बाद भी उन्हें विधवा पेंशन दी जा रही है। कई लाभार्थियों के पते गलत निकले तो कई का ऐसा पता दिखाया गया था जो पूरे जिले में है ही नहीं। इसके अलावा कुछ केस ऐसे भी निकले जिनमें लाभार्थियों को किसी और ब्लॉक का रहने वाला दिखाया गया था और पेंशन किसी और ब्लॉक के बैंक खाते में भेजी जा रही थी।
छानबीन में यह भी पता चला कि यह लिस्ट विभागीय अधिकारियों की भी जानकारी में थी लेकिन वे उस पर जांच कराने के बजाय गोपनीय बनाए हुए थे। कई बार इस लिस्ट में शामिल नामों का फर्जी सत्यापन भी कराया जा चुका था। लोकसभा चुनाव में जिला प्रशासन के अधिकारियों के व्यस्त रहने की वजह से अब तक इस खुलासे पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था लेकिन अब जांच का आदेश दिया गया है। इसमें लाभार्थियों का ग्राम पंचायत सचिवों से सत्यापन कराने को कहा गया है।
जांच शुरू होने से कई अधिकारियों में बेचैनी
जिला प्रशासन के निर्देश पर डीपीओ कार्यालय के जरिए जांच का आदेश सभी बीडीओ के पास पहुंच गया है। विधवा पेंशन की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह अधिकारियों में इससे बेचैनी का माहौल है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने यह कहकर बात करने से इन्कार कर दिया कि वह कोई जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
हालांकि क्यारा के बीडीओ ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पास आदेश आ गया है। इसमें अमृत विचार की खबर के आधार पर कुछ खास नामों की जांच के साथ दूसरी लाभार्थियों का सत्यापन कराने को भी कहा गया है। दूसरे ब्लॉकों के बीडीओ ने भी आदेश आने की बात कही है।
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