अयोध्या: परीक्षा बहिष्कार ने तूल पकड़ा, विश्वविद्यालय में शिक्षकों का प्रदर्शन-कुलपति के खिलाफ की नारेबाजी
अयोध्या, अमृत विचार। एक दिन बाद 31 मई से शुरू होने वाली विश्वविद्यालयीय परीक्षा बहिष्कार मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को आक्रोशित शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते हुए कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। परीक्षा के फैसले से क्षुब्ध शिक्षकों ने इसे तानाशाही और हठधर्मिता बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सात जनपदों से जुटे शिक्षक प्रतिनिधियों ने परीक्षा बहिष्कार पर अडिग रहने की बात कही है। माना जा रहा है लगातार विरोध के कारण गुरुवार तक परीक्षा को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो विजय प्रताप सिंह ने बताया कि 12 मई को अवध विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों की आम सभा के परीक्षा बहिष्कार के निर्णय के बावजूद कुलपति ने संज्ञान में न लेते हुए 18 मई को परीक्षा समय सारणी जारी कर दी। परीक्षा समिति के एजेंडे में आगामी परीक्षा को न रखकर परीक्षा समिति भी करा दी गई। उन्होंने कहा कि परीक्षा समिति में संघ के सदस्यों को अध्यक्ष की अनुमति से इस विषय पर वार्ता की भी अनुमति नहीं दी गई। आरोप लगाया कि कुलपति सीधे सीधे मनमानी एवं तानाशाही पर उतारू है। संघ का कहना है कि अब ग्रीष्मकाल अपने चरम पर है। मौसम विभाग द्वारा चल रही इस हीट वेव में घर से बाहर न निकलने की एडवाइजरी एवं ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा रहा है। इसके बाद भी तीन पाली में परीक्षा कराए जाने का फरमान जारी है।
कई और मुद्दों पर संघ ने कुलपति घेरा
संघ का कहना है कि विगत 2 वर्षों से छात्रहित की दुहाई एवं प्रतिकर का झांसा देकर विश्वविद्यालय ग्रीष्मावकाश का हनन कर रहा है। कुलपति की कार्यशैली में नियम-परिनियम, शिक्षक हित आदि जैसे शब्दों का कोई महत्व नहीं है। शिक्षक संघ की विभिन्न मांगो मूल्यांकन केंद्र की बदहाल स्थिति, विश्वविद्यालय नियमावली के अनुरूप मूल्यांकन न कराया जाना, शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में अनावश्यक व अत्यधिक विलंब, पूर्व कुलपति द्वारा लगभग प्रकाशन को तैयार वरिष्ठता सूची का प्रकाशन नही किया गया है। वरिष्ठता सूची तक नहीं बनी है। इसके अलावा तमाम कई आरोप और लगाए गए हैं। संघ का कहना है कि यदि परीक्षा के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा। महामंत्री प्रो जितेन्द्र सिंह, डॉ अवधेश प्रताप सिंह, डाॅ प्रशांत पाठक, डॉ अजीत कुमार वर्मा, अखिलेश सिंह, संतोष कुमार, अखिलेश कुमार, बिसेन सिंह, डॉकृष्ण कुमार पाल आदि मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें -भदोही में नवविवाहिता ने किया सुसाइड, जांच में जुटी पुलिस
