Kanpur: हाई अलर्ट पर सभी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक को बताया जानलेवा, बताएं लक्षण और बचाव के तरीके...
कानपुर, अमृत विचार। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानपुर मंडल की अपर निदेशक डॉ. संजू अग्रवाल ने बताया कि कानपुर मंडल में सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, 66 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 314 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 1495 सब सेंटर पर ओआरएस सेंटर बनाए गए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डायरिया व अन्य बीमारियों से ग्रस्त आने वाले मरीजों का डाटा एकत्र किया जा रहा है, साथ ही उनको कितने देर में आराम मिल रहा है, यह व्यवस्था भी मुख्यालय स्तर से परखी जा रही है। सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मिले आंकड़ों के मुताबिक अस्पतालों में कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जानलेवा साबित हो सकता हीट स्ट्रोक
अपर निदेशक के मुताबिक गर्मी के इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, पीलिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, आंखों का लाल होना, त्वचा में जलन होना आदि तरह के बीमारियां होती हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव शरीर पर पड़ता है, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
किसी भी व्यक्ति को घमौरियां, मरोड़ व ऐंठन के मुख्य लक्षणों के साथ शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई का आना व बेहोशी महसूस होने पर सावधान हो जाना चाहिए। अगर बाइक, कार या अन्य वाहन चला रहे हैं तो बिना देरी करे वाहन को छांव में लगाकर थोड़ी देर रुकना चाहिए और पानी पीने के बाद पास के अस्पताल में तुरंत जाना चाहिए।
ये बचाव हैं बेहद जरूरी
-तेज धूप और गर्म हवा से बचें।
-बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें।
-थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
-हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें।
-धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाता, चश्मा लगाएं।
-सफर के दौरान अपने साथ पानी व ग्लूकोस जरूर रखें।
-शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल न करें।
-लस्सी, नमक, चीनी का घोल, नींबू पानी, छाछ, आम का पना आदि का सेवन करें।
-दिन में घर को ठंडा रखें और रात में खिड़कियां खुली रखें।
- तबियत ठीक न लगने या चक्कर आने पर तुरंत इलाज को जाएं।
ये सावधानियां भी हैं जरूरी
-धूप में खड़े वाहनों में बच्चों व बुजुर्गों को न छोड़ें।
-खाना बनाते समय कमरे के दरवाजे व खिड़की खुले रखें।
-नशीले पदार्थ, शराब और अल्कोहल के सेवन से बचें।
-उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें।
-खिड़की को ढक कर रखें ताकि लू अंदर न आए।
-संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। बासी से बचें।
