2,13,537 मत हासिल करने वालों की बचेगी जमानत, बाराबंकी से 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी लोकसभा सीट पर पांचवें चरण में 20 मई को मतदान का कार्य पूरा हो चुका है। कल मतों की गिनती होनी है। किसके सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा दोपहर तक रुझान मिलने लगेंगे। लोकसभा सीट के तहत आने वाले पांचों विधानसभाओं में 1918491 वोटरों ने मतदान किया है। चुनाव लड़ रहे 13 प्रत्याशियाें को अपनी जमानत बचाने के लिए कुछ पड़े मतों का एक बटा छह मत हासिल करना जरुरी होगा। अन्यथा उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। नामांकन के समय इस सुरक्षिट पर प्रत्येक प्रत्याशी ने 12500 रुपये की जमानत राशि जमा की है।
लोकसभा चुनाव में नामांकन के लिए आयोग ने अनुसूचित जाति के खातिर 12500 रुपये निर्धारित कर रखा है। जिले की सुरक्षित लोकसभा सीट के लिए 20 मई को हुए मतदान में कुल 19 लाख 18 हजार 491 मतदाताओं में से करीब 12 लाख 81 हजार 225 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इस सीट के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को अपनी जमानत राशि को बचाने के लिए दो लाख 13 हजार 537 मत हासिल करने होंगे। अगर कुछ पड़े वैध मतों का छठा हिस्से के रुप में मत नहीं पाते हैं तो ऐसी दशा में उनकी जमानत राशि जब्त हो जाएगी। इस बार के चुनाव में कुल 13 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। जिसका परिणाम कल सबके सामने आ जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक प्रत्याशी को जमानत राशि बचाने के लिए कुल मतदान का छठवां भाग यानी 16.66 फीसदी वोट हासिल करना जरुरी है। इससे कम वोट मिलने पर जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। इस बार के चुनावी मैदान में भाजपा से राजरानी रावत, गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया, बसपा से शिवकुमार दोहरे, रामगुलाम राजदान, आशादेवी, महेंद्र कुमार, संतोष कुमार, बाबूराम, रामलखन पासी, मिथिलेश कुमारी, ओमकार, प्रेमचंद्र और देवतादीन शामिल हैं। चुनाव में प्रमुख लड़ाई भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी के बीच है।
2019 में 11 प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
बाराबंकी संसदीय लोकसभा सीट पर 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में देखें तो कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। जिसमें रनर को छोड़कर 11 अन्य की जमानत जब्त हुई थी। भाजपा के उपेंद्र रावत ने सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी रहे सपा के रामसागर रावत को 110140 मतों से हराया था। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रहे तनुज पुनिया को मात्र 159611 मत ही मिल सके थे। इस तरह रनर रहे रामसागर को छोड़ तनुज पुनिया समेत 11 अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। । इनके अलावा कई प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम मत मिले थे।
वर्जन-
चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को उसकी जमानत राशि वापस कर दी जाती है। भले ही उसे तय मानक से कम वोट मिले हों। वहीं पड़े मतों का 16.66 प्रतिशत से कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त कर ली जाती है।
सुनील पांडेय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।
ये भी पढ़ें -पूरी उम्मीद है कि चुनावी नतीजे ‘एग्जिट पोल’ से बिल्कुल विपरीत होंगे: सोनिया गांधी
