बरेली: आबिद को उम्मीद से ज्यादा वोट, इसलिए कठिन हुई नीरज की राह

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बरेली, अमृत विचार: उम्मीद जताई जा रही थी कि आंवला में बसपा प्रत्याशी आबिद अली को न मुसलमानों के वोट मिलेंगे, न पार्टी के कैडर वोट माने जाने वाले दलितों के, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 95 हजार से ज्यादा वोट खींचे और सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य की राह में कांटे बोने में कोई कमी नहीं छोड़ी। 

उनके प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि उन्हें मुसलमानों का भले ही ज्यादा वोट नहीं मिला, लेकिन दलितों ने अपनी दिशा नहीं बदली। बरेली में बसपा प्रत्याशी छोटेलाल गंगवार का नामांकन खारिज कर दिया गया था। यहां दलित वोटों का ज्यादा हिस्सा मुफ्त राशन जैसी योजनाओं की वजह से भाजपा की ओर डायवर्ट हो गया। यानी आंवला में बसपा की चुनाव मैदान में मौजूदगी से फायदा हुआ, बरेली में गैरमौजूदगी से। हालांकि आंवला की सीट फिर भी नहीं बच पाई।

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