बाराबंकी : आसमान से बरस रही आग, राहत की उम्मीदें भी धुंधली, नौतपा से पहले ही पारा 42 डिग्री पार
बाराबंकी, अमृत विचार। नौतपा से पांच दिन पहले ही गर्मी ने जो प्रचंड रूप धारण कर रखा है, उसने आमजन का सुख चैन छीन लिया है। दूर दूर तक राहत की उम्मीदें भी धुंधली ही दिख रही हैं। बुधवार को पारा 42 डिग्री पार ही रहा और पसीने से नहाए लोग बस आसमान की ओर ताकते रह गए। दिन इस कदर गर्म हो चले हैं कि इसके असर से सेहत व खान पान तक नहीं बच पा रहा।
सुबह पांच बजते ही दिन का नजारा सामने आ रहा। हवाएं दिन चढ़ते ही लू का रूप ले रहीं तो सूर्यदेव की शरीर झुलसाने वाली किरणें आमजन के लिए अलर्ट जारी कर रही हैं। रोजमर्रा के कामों से निकल रहे लोग खुद का पूरा बचाव कर रहे तो हीट वेव से बचने के लिए सीधे धूप के संपर्क में आने से बचा जा रहा, इसके बावजूद प्रचंड गर्मी के तीखे तेवर बराबर कायम हैं।
बुधवार को दोपहर बाद बाजार व मार्गाें पर पसरा सन्नाटा गर्मी के प्रकोप की गवाही देता रहा। भीषण गर्मी का ही नतीजा है कि सेहत व खान पान तक इसकी चपेट में आ गया है। अपच, हाजमे व अन्य दिक्कतों से परेशान लोग अस्पताल की ओर रुख कर रहे वहीं लोग खान पान को लेकर बहुत सतर्कता बरत रहे हैं।
खासकर शीतल पेय, शरीर को ठंडा रखने वाले फल, सब्जियों का प्रयोग चरम पर है। पसीने से नहला देने वाली उमस भरी गर्मी से बिलबिलाए लोग आसमान से राहत बरसने का इंतजार तो कर रहे पर उनकी उम्मीद पूरी होती नहीं नजर आ रही। अब सभी की आस प्रकृति की कृपा पर जा टिकी है। शहर से लेकर गांव तक बस मौसम में बदलाव का बेसब्री से इंतजार हो रहा।

नहा रहे ट्रांसफार्मर, लोकल फाल्ट में इजाफा
गर्मी के प्रचंड रूप के बीच न सिर्फ बिजली की मांग में वृद्धि हुई है बल्कि आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में विद्युत विभाग को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। सप्लाई के बीच स्थानीय खराबियों ने ऐसा सिर उठाया है कि समय से खराबी दूर कर पाना विभाग के लिए कम चुनौती नहीं।
प्रमाण के लिए पल्हरी विद्युत उपकेन्द्र के ईदगाह फीडर से जुड़े रौतन गढ़ी में दर्जनों घरों की बत्ती बुधवार की भोर तीन बजे गुल हो गई। गर्मी में नींद चौपट हुई, बच्चे भी घंटों टहलते रहे। लोग उपकेन्द्र फोन मिलाते रह गए। सुबह करीब 9 बजे आपूर्ति चालू हुई, इसके डेढ़ घंटे बाद फिर गायब बिजली सवा 12 बजे वापस चालू हुई।
इसी तरह शहर के अन्य इलाकों व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय खराबियां इस समय चरम पर हैं। इनसे निपटना विभाग के लिए चुनौती है, वहीं रात में फाल्ट होने पर उपभोक्ता भगवान भरोसे हैं। इसी बीच उपकेन्द्रों पर रखे उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए उनके सहयोगी उपकरणों को पानी से नहलाया जा रहा तो इनके लिए कूलर का इस्तेमाल भी जारी है ताकि यह उपकरण हीट न पकड़ सकें। अधिशाषी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि आपूर्ति सुचारु रखने के लिए प्रयास निरंतर जारी हैं। उपकेन्द्रों पर रखे उपकरणों का भी ख्याल रखा जा रहा।
