Kanpur: मुस्लिम एकजुटता और ब्राह्मण वोट के बंटवारे ने घटाई लीड...आखिरी तक चली लड़ाई, भाजपा के अपनों ने टांग खींचने में नहीं छोड़ी कसर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुस्लिम एकजुटता और ब्राह्मण वोट के बंटवारे ने घटाई लीड

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर नगर लोकसभा सीट पर भले ही भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की, लेकिन यह जीत नाको चने चबाकर मिली। इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी आलोक मिश्रा के समर्थन में मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता और ब्राह्मण वोटों के जमकर बंटवारे से रमेश अवस्थी को आलोक मिश्रा ने कांटे की टक्कर दी। भाजपा संगठन की सुस्त चाल और अवस्थी के बाहरी होने का ठप्पा भी उनके खिलाफ गया। भाजपा के कुछ अपनों ने भी उनकी टांग खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन अंत में किदवई नगर और गोविंद नगर विधानसभा से मिले वोटों ने रमेश अवस्थी को संजीवनी दी। 

भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी ने 20968 वोटों से जीत दर्ज की। जीत का यह अंतर 2019 की अपेक्षा 1,34,966 वोट कम है। जो साफ दर्शाता है कि भाजपा की तैयारियां पिछले लोकसभा चुनाव जैसी नहीं थीं। पिछली बार की अपेक्षा कुल मतदाताओं में 5.70 फीसदी वोट भाजपा को कम मिले हैं। इसकी वजह साफ है कि भाजपा का संगठन रमेश अवस्थी को पूरे मन से नहीं लड़ा पाया।

जिसका फायदा आलोक मिश्रा को मिला। रमेश अवस्थी की टिकट अंतिम समय में केंद्रीय नेतृत्व ने फाइनल की, इसके बाद से उनके ऊपर बाहरी होने का ठप्पा लगने लगा। कर्रा राजनीतिक करियर न होने के बावजूद कानपुर जैसी सीट से टिकट मिलने पर खूब सवाल उठे। ज्यादातर दिल्ली में रहने वाले रमेश अवस्थी टिकट होने के बाद जब पहली बार शहर आए तो उनके स्वागत समारोह में महापौर प्रमिला पांडेय, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई बड़े नेता नहीं पहुंचे।

सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन से उतरते वक्त उनको न पहचानने का हल्ला भी मचा। भाजपाइयों ने पहले तो किसी और को माला तक पहना दी। कई पार्षदों ने भी बाहरी प्रत्याशी के चुनाव पर सवाल उठाए। जब इसकी सुगबुगाहट भाजपा आलाकमान तक पहुंची तो गृहमंत्री अमित शाह ने शहर आकर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों व नेताओं के पेच कसे। 

अजय कपूर भी नहीं बढ़ा सके वोट

चुनाव के समय पूर्व कांग्रेस विधायक अजय कपूर भाजपा में शामिल हुये थे। इसके बाद बड़े पैमाने पर अजय कपूर के साथ कांग्रेस नेता व अन्य भाजपा में शामिल हुये। माना जा रहा था कि अजय कपूर के शामिल होने के बाद रमेश अवस्थी को बड़ी जीत का स्वाद चखने को मिलेगा। लेकिन, जब परिणाम आये तो ऐसा देखने को नहीं मिला। हालांकि, अजय कपूर से जुड़े नेता दावा कर रहे हैं कि उनकी वजह से ही यह जीत मिल पाई है।

ये भी पढ़ें- Kanpur Crime: हाईवे पर युवक का खून से रक्तरंजित शव पड़ा मिला...हत्या कर फेंकने की जताई जा रही आशंका

संबंधित समाचार