बरेली: लव जिहाद पर किला थाने में बवाल, लाठीचार्ज

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बरेली, अमृत विचार। किला क्षेत्र में एक किशोरी को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसला कर ले गया। इस पर विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भाजपा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं समेत अन्य कई संगठनों ने लव जिहाद का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव करते हुए जमकर बवाल किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते …

बरेली, अमृत विचार। किला क्षेत्र में एक किशोरी को दूसरे समुदाय का युवक बहला-फुसला कर ले गया। इस पर विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भाजपा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं समेत अन्य कई संगठनों ने लव जिहाद का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव करते हुए जमकर बवाल किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक घंटे तक थाने में पुलिस और नेताओं के बीच तनाव बढ़ता रहा।

इसके बाद कुछ लोगों ने थाने में तोड़फोड़ शुरू कर दी। यह देखकर पुलिस ने हंगामा करने वालों पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई जिसमें सात-आठ लोग घायल हो गए। कुछ लोग लहूलुहान भी हो गए। यह देखकर भाजपा नेता धरने पर बैठ गए और लाठीचार्ज करने वालों को निलंबित करने की मांग करने लगे। मामला लखनऊ तक पहुंचा तो एडीजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी सिटी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अफसरों ने प्रमुख नेताओं से बातचीत कर उनकी मांग पर मलूकपुर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया।

17 अक्टूबर को किला क्षेत्र की रहने वाली किशोरी को वहीं का रहने वाला दूसरे समुदाय का बिलाल घोसी परिवार और दोस्त की मदद से बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने बिलाल समेत उसकी मां, बहन, दोस्त शिवम, विशाल और उसकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच लड़की ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर बताया कि उसने अपनी मर्जी से बिलाल से शादी की है। वह बालिग है।

जब विश्व हिंदू परिषद, एवीबीपी और भाजपा के नेताओं को पता चला कि आरोपी बिलाल तिलक और माथे पर चंदन लगाता था तो उन्होंने लव जिहाद का आरोप लगाया। गुस्साए लोगों ने मंगलवार को किला थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मामला बढ़ने पर थाने में तोड़फोड़ भी कर दी। इस पर एएसपी साद मियां समेत अन्य दरोगाओं ने हंगामा करने वालों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में सात-आठ लोग घायल हो गए। मौके पर भगदड़ मच गई।

पुलिस की बर्बरता पर भाजपा नेताओं ने धरना पर बैठ गए और लाठी चार्ज करने वालों के निलंबन की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर एसपी सिटी रवींद्र कुमार मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाने का प्रयास किया तो भाजपाई और हिंदू संगठन ने उन पर धमकाने का आरोप लगाते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। करीब आधे घंटे तक नारेबाजी होती रही। इसके बाद 3 बजे के लगभग एसएसपी, डीआईजी और एडीजी मौके पर पहुंचे और प्रमुख नेताओं से बातचीत की।

उनकी मांग पर लाठी चलाने वाले दरोगा रजनीश और आईओ अजय शुक्ला को निलंबित कर दिया। साथ ही मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी नेता थाने से चले गए। इसके बाद लड़की का पिता डीआईजी और एसएसपी से मिला। उसने बताया कि आईओ अजय शुक्ला से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। लिहाजा उन्हें निलंबित न किया जाए। इसके बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया।

“थाने में लाठी चलाने वाले दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जो पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।”—रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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