बरेली: बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ शुरू हुआ अभियान
बरेली, अमृत विचार। बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ टीमों ने अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ ही बिजली चोरों पर अंकुश लगाने के लिए एक साथ सभी डिवीजन अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे बिजली बकाएदारों पर दबाव बनाया जा सके और अधिक से अधिक राजस्व की वसूली हो …
बरेली, अमृत विचार। बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ टीमों ने अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ ही बिजली चोरों पर अंकुश लगाने के लिए एक साथ सभी डिवीजन अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे बिजली बकाएदारों पर दबाव बनाया जा सके और अधिक से अधिक राजस्व की वसूली हो सके।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की सख्ती के बाद बिजली बिल के बकाया बिल उपभोक्ता और बिजली चोरों के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी है। शहर में करीब 30 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर बकाया बिल का 54 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। अधिकारियों ने चारों डीवीजनों में ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर उन्हें चिन्हित कर लिया है। शहर अधीक्षण अभियंता नंद किशोर मिश्र ने बताया कि सभी डिवीजन के अधिशासी अभियंता बड़े बकायदारों के खिलाफ वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए है।
जिससे बिजली चोरी पर अंकुश लगाया जा सके। इसी क्रम में मंगलवार को 33/11के वी सबस्टेशन मिशन उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले हाई लॉस फीडर जिनमें सिटी स्टेशन और अस्पताल फीडर के किशोर बाजार, बिहारीपुर करोलान ,बिहारीपुर, सिविल लाइन, चौपुला चौराहा, गिहार बस्ती, बिहारीपुर मेंमरान, मलूकपुर, कुंवरपुर, कसगरान और बिहारीपुर खात्रियान क्षेत्र में बकाएदारों के खिलाफ डिस्कनेक्सन अभियान चलाया गया। जिसमें 38 लाख से अधिक बकाया चल रहे 164 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए। कार्रवाई के बाद 34 उपभोक्ताओं ने करीब तीन लाख से अधिक का बिल जमा कर दिया है।
उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए डैशबोर्ड पोर्टल की हुई शुरूआत
उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए अब बिजली विभाग ने नई पहल शुरू की है। जिसके तहत डैशबोर्ड पोर्टल की शुरुआत की गई है। शिकायत से संबंधित सभी जानकारी इस डैशबोर्ड पर अपलोड की जाएगी। यही नहीं ऊर्जा मंत्री के साथ चेयरमैन और एमडी भी जेई से सीधे संवाद करके उपकेंद्र से संबंधित प्रगति रिपोर्ट ले सकेंगे।
ऐसे में जेई समस्याओं का त्वरित समाधान करने को बाध्य होंगे। डैशबोर्ड पोर्टल को सभी जूनियर इंजीनियर के फोन में इंस्टॉल कराने के साथ इसका प्रारूप भी सेट कर दिया गया है। डैशबोर्ड पर आनी वाली शिकायतों की समीक्षा मुख्य अभियंता नियमित तौर पर करेंगे। अगर ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसकी जानकारी ऊर्जा मंत्री समेत उच्च अधिकारियों को हो जाएगी। सभी उपकेंद्रों की ऑनलाइन निगरानी से कार्यप्रणाली में तेजी के साथ ही सुधार भी आएगा। इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री जेई से भी सीधे संवाद कर समस्या न निपटने की वजह पूछ सकते हैं।
