Kanpur: जहाजों के लिए खतरा बने सुअर, सियार और नील गाय, वायु सेना अधिकारियों ने जिला प्रशासन से मांगी मदद
कानपुर, अमृत विचार। वायु सेना स्टेशन (चकेरी) के हवाई क्षेत्र में जंगली सुअर, सियार और नील गाय का खतरा मंडरा रहा है। इन वन्य जीवों के रन वे पर पहुंचने का खतरा बना रहता है। ऐसे में रन वे पर कभी भी कोई दुर्घटना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसे देखते हुए एयरफोर्स अधिकारियों ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर वन्य जीवों को पकड़ने में मदद मांगी है।
चकेरी एयरफील्ड गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। यहां से नियमित यात्री उड़ानों के साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान वाणिज्यिक, मानवीय सहायता और आपदा (एचएडीआर) मिशनों और युद्ध के दौरान सैन्य आवश्यकता के लिए दिन और रात विमानों की आवाजाही होती हैं।
इस बेस पर बड़ी संख्या में विमान उड़ान भरते हैं। एयरफोर्स अधिकारियों ने डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि वायु सेना स्टेशन कानपुर के हवाई क्षेत्र में जंगली सूअर, सियार और क्षेत्र में मौजूद एक से दो नील गाय के खतरे की वजह बनी हैं।
स्टेशन इस गंभीर खतरे को दूर करने के लिए सभी निवारक उपाय कर रहा है, लेकिन जंगली जानवरों के कारण बेस से संचालित होने वाले बड़े जेट इंजन विमानों के लिए खतरा बना रहता है। ऐसे में वन्यजीव खतरा प्रबंधन कार्यक्रम (डब्ल्यूएचएमपी) के तहत स्टेशन को नागरिक प्रशासन से सहायता की आवश्यकता है।
पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई
एयरोस्पेस सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति (एईएमसी) की बैठक की योजना भी बनाई है। अधिकारियों के अनुसार 21 जून से 07 जुलाई के बीच बैठक रखी जा सकती है। इसमें पक्षी-पशु गतिविधि के कारणों की पहचान, उचित उपाय और रोकथाम के उपायों पर विचार होगा। वायु सेना के अधिकारियों ने डीएम व अन्य अधिकारियों से बैठक में शामिल होने को कहा है।
टेनरी अपशिष्ट की वजह से मंडराते हैं पक्षी
एयरपोर्ट से 10 किमी की परिधि में ऊंचे भवन नहीं होने चाहिए। चकेरी में रनवे 09 की बाउंड्री से चार-पांच सौ मीटर दूर ही कई निर्माण हो गए हैं। रनवे 27 के अंतिम छोर के करीब टेनरी संचालक ने तीन मंजिला निर्माण करा लिया है। वहां टेनरी अपशिष्ट की वजह से पक्षी यहां मंडराते हैं जो उड़ानों के लिए खतरनाक हैं।
