अयोध्या: नहीं मिला सामग्री का बजट, ठप पड़ गया है काम, ग्राम पंचायतों को झेलना पड़ रहा है संकट, प्रधान लगा रहे हैं चक्कर

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कराए गए विभिन्न कार्यों के निर्माण सामग्री के बजट का आवंटन न किए जाने से ग्राम प्रधानों के समक्ष गंभीर आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। ग्राम प्रधानों ने मनरेगा से अमृत सरोवर, एक गांव एक बाग, स्केप आदि कार्यों को कराने के लिए खरीदे गए मैटेरियल का भुगतान पिछले एक वर्ष से नहीं किया गया। इससे ग्राम प्रधानों में नाराजगी है। वहीं गांवों में अन्य योजनाओं के कराए जाने वाले कार्यों में दिक्कत आ रही है। संबधित सप्लायर्स कार्यालय का चक्कर काट रहे है। प्रधानों को खरी खोटी सुना रहे है।  

प्रधानों ने बताया कि वित्तीय वर्ष-2022-23 में एक गांव एक बाग और अमृत सरोवर आदि कार्यों के मैटेरियल का प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 12 से 15 लाख रुपए तक बकाया है। ग्राम प्रधानों ने उधार सामान खरीद कर कार्य पूरा कर लिए, लेकिन शासन से अभी तक मैटेरियल के भुगतान के लिए पैसा ही नहीं दिया गया। 

ग्राम प्रधान करोड़ पतिया देवी, दिनेश जायसवाल, संत कुमार प्रधान प्रतिनिधि अंजना नन्द कुमार यादव, प्रधान प्रतिनिधि राजेश मौर्य, प्रधान राजेश कोरी, सुबेदार यादव ने आदि ने बताया कि मजदूरी का भुगतान हो गया लेकिन मैटेरियल का भुगतान आ नहीं रहा है। सेकेट्री व ब्लॉक के अन्य कर्मी इसके भुगतान में रुचि नहीं ले रहे है। 

आलम यह है की मैटेरियल आपूर्ति कर्ता अपनी पूंजी लगा कर ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काट रहा है। ग्राम प्रधानों ने सीडीओ और जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए तत्काल भुगतान कराए जाने की मांग की है। कहा है कि भुगतान न होने से मनरेगा कार्य बाधित हो रहा है।

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