लखनऊ : बेजुबानों पर मत करो अत्याचार, इन्हें भी चाहिए दुलार
अमृत विचार, लखनऊ। एक दौर था कि जब हजरतगंज चौराहे से मेफेयर सिनेमा होते हुए आशिफी इमामबाड़े तक इक्के और टमटम के घोड़ों की लयबद्ध टापों की आवाज गूजा करती थीं। नवाबों के शहर की सड़कों पर एक से बढ़कर एक सजी-धजी बग्घियां दौड़ती थीं, लेकिन समय के पहिए के साथ जब दौर बदला, तो शहर का मिजाज व रौनक दोनों बदले गए, लेकिन चिंता की बात है कि हैरिटेज जोन में विदेशी सैलानियां और दूरदराज से आए पयर्टकों का ध्यान अपनी तरफ आर्कषित करने वाले इक्के और टमटम के घोड़ों की हालत दयनीय हो रही है।

डीएम के आदेशों की हो रही अवहेलना
रविवार को सोसाइटी फॉर एनिमल वेलफेयर ने घोड़ा तांगा हैरिटेज जोन में इक्के और टमटम का निरीक्षण किया। इस अभियान के तहत संस्था के सदस्यों ने दो चाबुक भी बरामद किए है। संस्था की अध्यक्षा शबा बानो ने बताया कि इक्के और टमटम चालक घोड़ों को धूप में खड़ा कर खुद इमारतों की छांव तले आराम फरमाते दिखाई पड़े। जबकि जिलाधिकारी ने सख्त आदेश है कि माल और सवारी ढोने वाले पशुओं से कार्य नहीं लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इक्का और टांगा चालक जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना कर बेजुबानों पर लगाता अत्याचार कर रहे हैं। लखनऊ की सैर करने वाले पयर्टकों को लुभाने के लिए इक्का और टांगा चालक बेजुबान को भूखा-प्यासा कर खुद अपना पेट भरने में जुटे हैं। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने आशिफी इमामबाड़े से लेकर घंटाघर, फिक्चर गैलरी, सतखंडा और छोटे इमामबाड़े तक इक्का और टांगा चालकों को जागरुक करने के साथ ही घोड़ों को चारा, पानी दिए जाने का आग्रह किया। इसके साथ ही तांगा चालकों की पानी की समस्याओ को लेकर मौजूदा पार्षद फैसल नवाब से संपर्क किया।

भीषण गर्मी के कारण गश खाकर गिरा घोड़ा और थम गई सांसें
गौरतलब है कि 31 मई को ठाकुरगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत भीषण गर्मी के चलते टांगे में बंधा एक घोड़ा गश खाकर गिर पड़ा था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 मई को अलीगंज में माल लदा तांगा घसीट रहा घोड़ा गश खाकर बेहोश हो गया। कमजोर दिख रहे घोड़े के शरीर पर कई जगह चोटें देख मदद को पहुंचे राहगीर भड़क गए। भीड़ का गुस्सा देख तांगा चालक मौके से भाग निकला। अधिवक्ता की तहरीर पर अलीगंज थाने में तांगा चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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