बाराबंकी : तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल

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Edited By Amrit Vichar
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भीषण गर्मी से घरों में दुबके लोग, दिन और रात में कई बार हो रही बिजली कटौती

अस्पताल में डायरिया और पेट दर्द के बढ़े मरीज

बाराबंकी अमृत विचार। जिले में सोमवार को भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 29 दिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप, गर्म हवा के थपेड़ों और उमस से  लोग बेहाल हैं। हर कोई अब मानसून की राह देख रहा है। गर्मी की वजह से लोग दोपहर के समय सफर करने से बचने लगे हैं।

सोमवार को भी सुबह सात बजे से ही मौसम तल्ख रहा। लोग घरों में दुबके रहे और बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं जिसे कोई काम रहता भी है, तो वह सुबह 10 बजे से पहले ही उसे निपटाने की कोशिश करता दिखा। शहर में ई-रिक्शा चलाने वाले चालक शिव कुमार ने बताया कि पहले पोज 1000 रुपये तक की आमदनी हो जाती थी।

लेकिन अब गर्मी के कारण सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सवारियां मिलती ही नहीं। जिससे कमाई आधे से भी कम हो गई है। वहीं सीएनजी ऑटो चालक मुकेश ने बताया कि गर्मी की छुट्टियां होने के चलते स्कूली बच्चे और टीचरों से मिलने वाली महीने की फिक्स कमाई तो बंद है ही, साथ ही रोज की सवारियां भी नहीं मिल रही हैं। जिसके चलते रोजी रोटी चलाना भी मुश्किल हो रहा है। हम लोग मना रहे हैं कि जल्द गर्मी कम हो, तो हम लोगों की कमाई भी बढ़े।

लोकल फॉल्ट के बहाने दिन-रात कटौती

भीषण गर्मी को देखते हुए शासन की तरफ से बिजली न काटने का सख्त निर्देश है, लेकिन फिर भी विभाग के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। शहर से लेकर गांव तक दिन और रात में कई बार बिजली कटौती की जा रही है। कटौती के पीछे लोकल फॉल्ट की बात कहकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिये लोगों के लिये बिजली ही एक मात्र सहारा है।

उधर शासन की तरफ से बढ़ते तापमान को देखते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिये गये हैं। इसके बाद भी दिन और रात में आधे से एक घंटे तक कई बार बिजली कटैती की जा रही है। लोगों को बिजली कटौती से सबसे ज्यादा समस्या रात में होती है। वहीं अधिशासी अभियंता अंशुमान यादव का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जा रही है। फॉल्ट सही करने के लिये शट डाउन लेना पड़ता है।

डायरिया के बढ़ रहे मरीज

भीषण गर्मी के कारण खाने पीने में थोड़ी भी लापरवाही लोगों को काफी भारी पड़ रही है। लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस मौसम में लोग सबसे ज्यादा डायरिया के शिकार हो रहे हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सबसे ज्यादा मरीज पेट दर्द और डायरिया के ही पहुंच रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश कुशवाहा ने बताया कि इस भीषण गर्मी में खाने पीने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिये। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थों का उपयोग करें और धूप में निकलने से बचें।

पिछले सात दिनों का तापमान

तिथि             अधिकतम तापमान           न्यूनतम अधिकतम                   तापमान

चार                        जून                           41                                       30
पांच                        जून                           39                                       29
छह                        जून                            41                                       30
सात                        जून                           42                                        28
आठ                       जून                          40                                         29
नौ                          जून                          40                                         28
दस                        जून                          43                                         29

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