आशिक मिजाज पुलिसजनों के कारण पूरा पुलिस महकमा हो रहा बदनाम
डीपी.शुक्ल/लखनऊ, अमृत विचार। तीर पर तीर लगाओ, तुम्हें डर किसका है। सीना किसका है मेरी जान जिगर किसका है ।। अमीर मीनाई की यह शायरी आशिक मिजाज के खाकी धारियों के लिए फिट बैठती है। कहने को तो जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के कंधे पर है लेकिन महकमे में मौजूद कुछ लोग वर्दी पर दाग और बदनामी का रंग चढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।
उत्तर- प्रदेश के संत मुख्यमंत्री के बार-बार निर्देश देने के बाद भी पुलिस महकमे के कुछ लोग अपना आचरण नहीं सुधार पा रहे हैं। इन पर कभी भ्रष्टाचार का तो कभी दुष्कर्म और मारपीट करने का आरोप लगता रहता है। जनता के साथ शालीनता पूर्वक व्यवहार न करने की जैसे कसम खा चुके मुठ्ठीभर वर्दीधारियों के धिनौने कृत्य से पूरा महकमा बदनाम हो रहा है ।
शासन की तरफ से आए दिन महिलाओं के प्रति सम्मान देने की बात कही जाती है परंतु सम्मान देने की बात तो दूर, थाने में गाली गलौज का उन्हें शिकार होना पड़ता है । बस्ती जिले के सीओ सिटी विनय चौहान पर लगे आशनाई का आरोप पहली घटना नहीं है,इस तरह के पहले भी कई पुलिसजनों पर गम्भीर आरोप लगते आये हैं। यूपी में खाकीधारियों की शिकार हुई कई युवतियों की दास्तान पूर्व समय से सुनने को मिलता रहा है। पुलिस विभाग में आशनाई का रंग सिपाही से लेकर एडीजी स्तर के अधिकारियों तक चढ़ा है।
अभी हाल में ही केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर गये एक एडीजी को गृह मंत्रालय ने समय से पहले ही उनके आश्नाई मिजाज के कारण यूपी वापस भेज दिया। बताया जाता है कि एडीजी साहब का मन गोवाहाटी एअरपोर्ट पर एक युवती को देखते ही मचल उठा और वह उसका हाथ पकड़कर प्यार का इजहार कर बैठे।
युवती की लिखित शिकायत पर एडीजी साहब के खिलाफ जांच हुई तो मामला सही पाया गया। जांच में छेड़छाड़ का आरोप सही पाये जाने के बाद गृह मंत्रालय ने एडीजी को वापस यूपी लौटा दिया। बताया जाता है कि एडीजी के माफी मांगने पर युवती ने अपनी शिकायत वापस ले लिया। इसी तरह का एक मामला सोशल मीडिया में खूब तैरा।
बताया जाता है कि उन्नाव जनपद में तैनात एक सीओ साहब घर जाने का बहाना बनाकर अवकाश लिया और वह अपनी प्रेमिका सिपाही के साथ कानपुर के एक होटल में जाकर ठहरे। इस होटल में सिपाही के साथ बगैर कपड़े के नहाते समय सीओ का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ। सीओ साहब के इस कारनामे से महकमे की बहुत बदनामी हुई। इसके अलावा खाकी पर कलंक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक जिले में लगा,जहां थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दिखाने आई युवती के साथ दरोगा जी ने अपना मुंह काला किया।
इसके अलावा खाकी पर आशनाई का भूत इस कदर हावी हुआ की राजधानी के अलीगंज में तैनात एक दरोगा जी ने तो वकायदा अपने हाथ पर ही अपनी महबूबा सिपाही का नाम गोदवा लिया था। इसी तरह विजिलेंस के इंस्पेक्टर महेश दुबे जो लखनऊ के कृष्णा नगर व मोहनलालगंज प्रभारी रहे हैं, पर विकास नगर की रहने वाली एक महिला ने गर्भवती करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
बताया जाता है कि इस मामले में रफा-दफा करने का पीड़िता पर काफी दबाव भी बनाया गया। इसी तरह का एक औऱ मामला लखनऊ के विभूति खंड में दर्ज कराया गया। यहां शोध की एक छात्रा ने सिपाही विवेक सिंह सिसोदिया पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। यूपीएससी की तैयारी कर रही नोएडा की इस छात्रा का आरोप था की शादी का झांसा देकर सिपाही सालों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
इसी क्रम में जनपद मुरादाबाद के सिविल लाइन में सेवानिवृत्ति एक सीओ पर रिवाल्वर के बल पर दुराचार करने का आरोप लगा। 8 मई 2023 की रात्रि घटना का समय बताते हुए महिला ने सीओ और उनके परिजनों पर एफआईआर दर्ज कराई। इसके अलावा आशनाई का एक और मामला मुरादाबाद जनपद में ही सुनने को मिला। बताया जाता है कि अमरोहा में तैनात एक महिला सिपाही से दारोगा ललित चौधरी द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा।
इसी तरह सुल्तानपुर की शहर कोतवाली में सेवानिवृत्त एक डीआईजी के खिलाफ लैंगिक अपराध की एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके अलावा राजकीय रेलवे में तैनात एक बड़े अफसर पर पुलिस अधीक्षक स्तर की महिला आईपीएस ने उत्पीड़न का आरोप लगाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। हालांकि आरोपो की जांच डीजी स्तर की महिला अधिकारी को सौंपी गई । बताते है कि आरोपी अधिकारी का तो कुछ नहीं बिगड़ा, मगर पुलिस अधीक्षक को ही अपने पद से हटना पड़ा।
आशिक मिजाज वाले और तमाम पुलिसजनों के बहुत किस्से हैं, जिसे लिखने में कागज छोटा पड़ जाएगा । मामला जो भी हो, आने वाले दिनों में खाकीधरियों में सुधार आता है या वह इस तरह के मामलों में और मीडिया की सुर्खियां बटोरेंगे यह तो वक्त ही बताएगा।
इनके कारण पुलिस महकमे की हुई किरकिरी
- विजलेन्स इंस्पेक्टर महेश दूबे के खिलाफ विकासनगर थाने में क्राइम नं. 33/2023 धारा-323,328,354ख,376,506 आईपीसी
- 26 मार्च को विभूतिखण्ड थाने में शोध की छात्रा ने सिपाही विवेक सिंह सिसौधिया पर शारीरिक शोष्ण,आपत्तिजनक हालत में फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी देने के संबंध में एफआईआर दर्ज करायी।
- मुरादाबाद के सिविल लाइन्स में सेवानिवृत्त एक सीओ पर महिला ने दुराचार की रिपोर्ट दर्ज करायी। पीडिता का आरोप है कि 8 मई 2023 की रात्रि के समय उसके कमरे में घुसकर रिवाल्वर के बल पर उससे रेप किया और जान से मारने की धमकी दी।
- अमरोहा जिले में तैनात दारोगा ललित चौधरी के खिलाफ मुरादाबाद के एक थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी। जिसमें पीड़िता का आरोप है कि शादी का झासा देकर उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाया। इस दौरान वह जब गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात भी करा दिया।
- सुल्तानपुर की शहर कोतवाली में सेवानिवृत्त डीआईजी के खिलाफ क्राइम नं.97/2024 लैंगिंक की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी।
कार्यवाई ऐसी हो,जिससे आशिक मिजाज पुलिसजनों के लिए नजीर बने
आशिक मिजाज के पुलिस वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वह भी ऐसी कार्यवाई हो, जो नजीर बने। बस्ती की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सीओ ने महिला के साथ गलत काम भी किया और वर्दी का दुरुपयोग करते हुए महिला को बंद भी करवा दिया। इस घटना की शीघ्र जांच कराकर दोषी सीओ पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए...,बृजलाल, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक उप्र. व राज्यसभा सांसद।
मामले की जांच शीघ्र कराकर दोषी सीओ पर कठोर से कठोर कार्यवाई होनी चाहिए। जांच में देरी होगी तो दोषी को संभलने का मौका मिलेगा। ऐसे में दोषी, पीड़िता को प्रलोभन देकर या उसे डरा-धमका कर जांच अपने पक्ष में करा सकता है..., सुलखान सिंह,सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक उप्र.।
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