बरेली: गर्भाशय फटने से शिशु की मौत, स्टाफ की सूझबूझ से बची प्रसूता की जान
जिला महिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव कराया गया
बरेली, अमृत विचार। गर्भाशय फटने से शिशु पेट में पहुंच गया। भमोरा सीएचसी पर दो घंटे तक गर्भवती दर्द से तड़पती रही। बाद में आननफानन में उसे जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां दो डॉक्टरों की टीम ने सूझबूझ के साथ सिजेरियन प्रसव कराकर महिला की जान बचाई। महिला ने मृत बच्ची को जन्म दिया।
मंगलवार को भमोरा के गांव मिलक मजारा निवासी नन्हेलाल की पत्नी गंगा को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उन्हें सुबह करीब 7 बजे लेकर सीएचसी पहुंचे। हालत गंभीर होने पर भी उन्हें दो घंटे तक रेफर नहीं किया गया। इस दौरान गर्भवती का गर्भाशय फट गया, जिससे शिशु पेट में आ गया। हालत बिगड़ती देख स्टाफ ने बिना रेफर लेटर के ही उन्हें जिला महिला अस्पताल भेज दिया। यहां देरी किए बिना डॉक्टरों ने तुरंत मरीज को ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट किया। यहां महिला का प्रसव हुआ। महिला ने मृत बच्ची को जन्म दिया।
अगर जल्द प्रसव नहीं कराते तो खतरा बढ़ जाता
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के अनुसार जांच करने पर पता चला कि गर्भाशय फटने से शिशु पेट में आ गया है। डॉ. मीनाक्षी और डाॅ. पुष्पलता शमी के साथ ओटी टेक्नीशियन अमित और स्टाफ नर्स रानी ने सूझबूझ के साथ महिला की सिजेरियन प्रसव कराया। हालांकि बच्चे की मौत गर्भाशय से पेट में आने के दौरान हो गई थी, अगर समय रहते प्रसव नहीं कराया जाता तो संक्रमण फैलने से मरीज की जान को खतरा हो सकता था।
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