डिजिटल अरेस्ट : मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगा साइबर जालसाजों ने की ठगी
लखनऊ, अमृत विचार। मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाकर साइबर जालसाजों ने वीर बहादुर सिंह को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद उनसे पांच लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया। रकम खाते में आने के बाद जालसाज ने मोबाइल भी बंद कर दिया। पीड़ित ने पीजीआई थाने में प्रार्थना पत्र दिया। जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
पीजीआई के एल्डिको सौभाग्यम निवासी वीर बहादुर सिंह के पास बुधवार को अनजान नम्बर से कॉल आई। फोन फेडेक्स कोरियर कंपनी के कर्मचारी ने किया था। बताया कि वीर बहादुर सिंह के आधार कार्ड का प्रयोग कर एक पार्सल मुम्बई से ईरान भेजा गया है। जिसमें मादक पदार्थ होने का पता चला है। इसलिए वीर बहादुर को साइबर क्राइम अधिकारी से बात करनी पड़ेगी। कोरियर कंपनी के कर्मचारी ने एक मोबाइल नम्बर देते हुए बात करने के लिए कहा। वीर बहादुर के कॉल करने पर साइबर क्राइम अधिकारी से हुई।
जिसने वीर बहादुर को डिजिटल अरेस्ट करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाते हुए खाते में जमा रुपयों की जांच करने की बात कही। इसी तरह से ठगों ने अपने खाते में वीर बहादुर से रुपये ट्रांसफर कराए। पीड़ित के मुताबिक रुपये भेजने के बाद आरोपी के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। संदेह होने पर उन्होंने परिचितों से बातचीत की। इसके बाद पीजीआई थाने में प्रार्थना पत्र दिया। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश तिवारी के मुताबिक एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
बेटे को फंसाने की धमकी दे पिता से वसूले 80 हजार
इंदिरानगर के मोहम्मदपुर निवासी सम्हारू प्रसाद से साइबर जालसाजों ने 80 हजार रुपये ठग लिए। उनको कॉल कर धमकी दी कि उनका बेटा दुष्कर्म का आरोपी है। उसके खिलाफ एफआईआर न दर्ज हो इसके लिए रुपये भेजे। पीड़ित को जब ठगी का पता चला तो इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मोहम्मदपुर स्थित ऋषि इंटरनेशनल स्कूल भारत गैस गोदाम के पीछे रहने वाले सम्हारू प्रसाद ने बताया कि उनको 12 जून की सुबह 10.44 बजे एक कॉल आई। कॉल करने वाले बताया कि दिल्ली के कैंट थाने से बोल रहा है। बताया कि उनके बेटे को दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया है।
एआई के जरिये बेटे की आवाज सुनाई
जासलाजों ने भरोसे में लेने के लिए सम्हारू को उनके बेटे की रोने की आवाज तो सुनाई ही। साथ ही आवाज में उनके बेटे की आवाज में सुनाया कि पापा-पापा मुझे बचा लो। रोते हुए बेटे ने कहा कि मुझे बहुत मारा है। इसके बाद कॉल करने वाले मोबाइल पर बात करना शुरू किया। कहा कि बेटे के खिलाफ एफआईआर न हो इसके लिए 80 हजार रुपये भेजो। इसके लिए फोन-पे या गूगल-पे का प्रयोग करें। बेटे की आवाज सुनकर सम्हारू डर गए। उन्होंने इसके बाद पांच बार में बेटी के गूगल-पे अकाउंट से 6282933913 पर 80 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस को आशंका है कि एआई तकनीक का प्रयोग कर जालसाजों ने बेटे की आवाज सुनाकर ठगी की है।
बेटे से बात होने पर ठगी का पता चला
कुछ देर बाद बेटे से बात हुई। बेटे ने इस तरह की घटना से इनकार कर दिया। इस पर सम्हारू को ठगी का पता चला। प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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