मुरादाबाद: हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है आयोडीन युक्त आहार

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मुरादाबाद,अमृत विचार। आयोडीन युक्त आहार वह कवच है, जो गर्भ में पल रहे शिशु से लेकर हर उम्र तक के व्यक्ति को बीमारियों से बचाता है। शिशु के विकास में अवरोध का खतरा टालता है। बड़ों को मानसिक ताकत देता है और शारीरिक क्षमता बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ बनाता है।  विश्व आयोडीन अल्पता दिवस के अवसर …

मुरादाबाद,अमृत विचार। आयोडीन युक्त आहार वह कवच है, जो गर्भ में पल रहे शिशु से लेकर हर उम्र तक के व्यक्ति को बीमारियों से बचाता है। शिशु के विकास में अवरोध का खतरा टालता है। बड़ों को मानसिक ताकत देता है और शारीरिक क्षमता बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ बनाता है।  विश्व आयोडीन अल्पता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने आयोडीन से जुड़ीं इसी तरह की महत्वपूर्ण जानकारियों से जिला अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं सहित लोगों को जागरूक किया गया।

एसीएमओ डा. जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आयोडीन सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो कि मानव वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। आयोडीन बढ़ते शिशु के दिमाग के विकास और थायराइड प्रक्रिया के लिए अनिवार्य एक माइक्रोपोशक तत्व है। हमारे शरीर के तापमान को भी विनियमित करता है। विकास में सहायक है और भ्रूण के पोशक तत्वों का एक अनिवार्य घटक है। शरीर में आयोडीन को संतुलित बनाने का कार्य थाइरोक्सिन हार्मोंस करता है, जो मनुष्य की अंतस्रावी ग्रंथि थायराइड ग्रंथि से स्रावित होता है, आयोडीन की कमी से मुख्य रुप से घेंघा रोग होता है।

इसके अलावा मानसिक व शारीरिक कमजोरी, बच्चों के मानसिक विकास में अवरोध, बर्थ डिफेक्ट, बोलने व सुनने की क्षमता में कमी, गर्भपात, मृत बच्चे का पैदा होना, बौनापन व महिलाओं में बांझपन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सबसे पहले व अत्याधिक प्रभावित होने वाले हाई रिस्क ग्रुप में गर्भवती महिलाएं, बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाएं, लैक्टिंग वूमेन, प्रीस्कूल व स्कूल जाने वाले उम्र के बच्चे होते हैं। दालों, सब्जियों, दूध, दुग्ध उत्पादों, मछली व मांस का सेवन बढ़ाना चाहिए।

जानें किस आहार में आयोडीन का कितना स्रोत
अनाजों में 40 फीसदी
दूध में 37 फीसदी
पानी में 16 फीसदी
मीट में 11 फीसदी
दालों में 10 फीसदी
सब्जियों में दो फीसदी

प्रतिदिन किसको कितना जरूरी है आयोडीन
एक से पांच वर्ष के शिशुओं को 90 माइक्रोग्राम
छह से 11 वर्ष के बच्चों को 120 माइक्रोग्राम
12 व उससे अधिक के किशोरों को 150 माइक्रोग्राम
व्यस्त व्यक्तियों को 150 माइक्रोग्राम
गर्भवती महिलाओं को 200 माइक्रोग्राम
दूध पिलाने वाली माताओं को 200 माइक्रोग्राम

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मिलिंद चंद गर्ग कहा कि  विश्व आयोडीन अल्पता दिवस पर जिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य केंद्रों में जागरूक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आयोडीन से जुड़ी जानकारियों को साझा किया गया। महिलाओं और बच्चों के लिए यह कितना जरूरी है, उन्हें बताया गया। लोगों ने भी इसपर काफी रुचि दिखाई है। आयोडीन के प्रति लोगों में जागरूकता भी पाई गई।

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