Kanpur: दो बसें रास्ते में जलीं, तीन फोरमैन निलंबित...बसों के रखरखाव में लापरवाही पर परिवहन निगम सख्त, MD की विशेष टीम कर रही चेकिंग

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Edited By Amrit Vichar
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वर्कशाप से मांगा जा रहा ब्यौरा कितनी बसें मार्ग में खराब हुईं और कितनी मरम्मत के इंतजार में

कानपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा वर्कशाप के सेवा प्रबंधकों को आदेशित किया है कि शत प्रतिशत बसों को दुरुस्त हालत में रूट पर भेजें। एक भी बस रास्ते में खराब हुई तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में एमडी की विशेष टीम परिक्षेत्रों में वर्कशाप की चेकिंग करके कार्रवाई कर रही है। दो बसें मार्ग में जलने की घटना में तीन फोरमैन निलंबित किए जा चुके हैं।  
13 जून, 2024 को रोडवेज के प्रधान प्रबंधक एसएल शर्मा ने प्रदेश के सभी प्रधान प्रबंधकों, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सेवा प्रबंधकों को परिवहन मंत्री की ओर से निर्देश जारी किया था कि तकनीकी संवर्ग के सीनियर फोरमैन ग्रेड-1, सीनियर फोरमैन ग्रेड 2, जूनियर फोरमैन, मैकेनिक, बाडी मैकेनिक, विद्युतकार, टायर निरीक्षक, भंडार अधीक्षक एवं भंडारपाल पद पर कार्यरत कमिर्यों का विवरण देते हुए बताएं कि कितनी बसें रास्ते में खराब हुईं, कितनी बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। इस आदेश के बाद प्रबंध निदेशक की टीम ने प्रदेश स्तर पर जांच शुरू की है। 

रोडवेज की काफी संख्या में बसें खराब होकर वर्कशाप में खड़ी हैं, कई बार चालक-परिचालक की आपत्ति को दरकिनार करके अनफिट बस को रूट पर भेज दिया जाता है। बीते दिनों कन्नौज डिपो की बस उन्नाव के पास शार्ट सर्किट के कारण जलकर राख हो गई थी। प्रबंध निदेशक की विशेष टीम ने जांच में कन्नौज के जूनियर फोरमैन राजेंद्र कुमार को दोषी पाया, उसे एक दिन पहले क्षेत्रीय प्रबंधक ने निलंबित कर दिया।

जांच में सामने आया था कि बस की बैट्री में तार जोड़कर चालक टेप से गाना सुन रहे थे, लेकिन फोरमैन ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसी प्रकार एक अन्य बस जलने की जांच के बाद किदवई नगर डिपो के सीनियर फोरमैन एमपी गौतम और जूनियर फोरमैन अनीस कुमार को निलंबित किया गया था। उन्होंने एसी जनरथ बस को सेल्फ कनेक्शन लूज होने के बाद भी रूट पर भेज दिया था।  

अनफिट बसों को रूट पर भेजना महंगा पड़ेगा 

अक्सर खराब बस को रूट पर भेज दिया जाता है, यदि चालक और परिचालक कहते हैं कि बस खराब है तो उनकी जगह दूसरे को भेजने की बात कही जाती है। मजबूरी में चालक, परिचालक बस लेकर डिपो से रूट पर निकल जाते हैं, क्योंकि संविदा चालकों, परिचालकों को किमी के हिसाब से पारिश्रमिक मिलता है, रूट पर नहीं जाएंगे तो उन्हें पैसा नहीं मिलेगा। 

वर्कशाप में कोई बस खड़ी नहीं रहेगी, सभी को रूट पर भेजा जा रहा है, सभी डिपो और वर्कशाप की जांच हो रही है। लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई होगी।- अनिल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, कानपुर परिक्षेत्र

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