बाराबंकी: नवाबगंज रजबहा में पानी न छोड़े जाने से किसान परेशान, प्रभावित हो रही खेती 

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Edited By Amrit Vichar
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कोठी/ बाराबंकी, अमृत विचार। जिले की सबसे लंबी नवाबगंज रजबहा में पानी न छोड़े जाने से कई गांव के किसान अपने धान की नर्सरी करने के लिए पानी का इंतजार कर रहे हैं। नवाबगंज रजबहा जिले की सबसे लंबी 65 किलोमीटर नहर में सिंचाई विभाग द्वारा लगभग एक महापूर्व पानी बंद कर दिया गया था। तब से अभी तक नहीं छोड़ा गया है। जिसके चलते नहर सूखी पड़ी हुई है। किसान धान की रोपाई करने के लिए खेतों में धान की नर्सरी करने के लिए नहर में पानी का इंतजार कर रहे हैं। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। 

इस नवाबगंज रजबहा से बरौली माइनर, सादुल्लापुर माइनर, कोटावा माइनर, इब्राहिमाबाद माइनर, खुशली पुरवा माइनर और अजौवा माइनर सहित लगभग एक दर्जन से अधिक माइनर निकली हैं। इस नहर पर मोहना, उधवापुर, दारावपुर, लालपुर, बरौली, सैदहा, शंभू सराय, भानमऊ आदमपुर भटपुरा, मुबारकपुर, कस्बा, नया पुरवा सुहावा, चांदूपुर, नियामतपुर, शिवाला का पुरवा और उस्मानपुर सहित सैकड़ों गांवों के किसान निर्भर हैं। सिंचाई विभाग द्वारा इस वर्ष नहर में पानी न छोड़ने से किसान काफी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग को अच्छी तरह से मालूम है कि पांच जून के बाद धान की फसल की नर्सरी का कार्य चलता है। फिर भी नहर में पानी बंद कर दिया गया। 

मुबारकपुर निवासी लल्लू और सुशील का कहना है जिन किसानों के पास अपना निजी इंजन बोरिंग है। वह तो अपना धान की नर्सरी का काम शुरू किए हैं। बाकी छोटे किसान अभी भी नहर में पानी का इंतजार कर रहे हैं तथा सुहावा निवासी मुकेश कुमार, राजेश और राधेश्याम आदि लोगों का कहना है नहर में पानी बंद होने के  चलते धान की नर्सरी तैयार नहीं कर सके हैं। वहीं अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग राजीव सिंह का कहना है जिले की सबसे लंबी नवाबगंज रजबहा में पानी न छोडे जाने से किसानों की होने वाली समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों से विचार विमर्श करके समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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