Kannauj: रुपये मांगने पर जिला उद्योग केंद्र के चपरासी की हत्या...शव को गंगनहर में फेंका, युवती समेत पिता-पुत्र गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज में रुपये मांगने पर जिला उद्योग केंद्र के चपरासी की हत्या

कन्नौज, अमृत विचार। जमीन खरीदने के लिए दिए गए रुपये वापस मांगने पर जिला उद्योग केंद्र के चपरासी की गला दबाकर हत्या कर दी गई और आरोपियों ने शव को बोरे में भरकर 25 किलोमीटर दूर निचली गंग नहर में फेंक दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और ऑटो रिक्शा व चपरासी का एक पेन बरामद किया है। आरोपियों ने चपरासी से 1.35 लाख रुपये लिए थे और जमीन का बैनामा करने का वादा किया था। 

शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बंसरामऊ निवासी अमर सिंह उर्फ झब्बू ने जिला उद्योग केंद्र के चपरासी रामदुलारे से 1.35 लाख रुपये उधार लिए थे और उसके बदले में जमीन का बैनामा करने का वादा किया था। 

कई माह बाद भी अमर सिंह ने जमीन का बैनामा नहीं किया तो 9 जून को रामदुलारे तगादा करने गांव पहुंच गया। उसी दिन अमर सिंह उर्फ झब्बू, बेटे अर्जुन सिंह व शिवानी पुत्री जवाहरलाल ने गांव के बाहर ट्यूबवेल पर अंगौछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी और शव को अपने ही ऑटो रिक्शा में डालकर ठठिया थाना क्षेत्र के खैरनगर इलाके में निचली गंगनहर में फेंक दिया। 

इससे पहले जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने सदर कोतवाली में रामदुलारे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 11 जून को नहर से शव बरामद किय गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर मामला दर्ज किया गया। 

सीओ सिटी कमलेश कुमार के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश शर्मा, सरायमीरा चौकी प्रभारी शेखर सैनी, कलां चौकी प्रभारी अजब सिंह सहित पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी वांछित है। 

ढाई लाख रुपये में हुआ था जमीन का सौदा

चपरासी रामदुलारे प्रयागराज के थाना शिवकुटी क्षेत्र के अंतर्गत तेलियरगंज नयागंज का निवासी थी। परिवार प्रयागराज में ही रहता है, जबकि वह जिला उद्योग केंद्र में ही रहता था। उसने अमर सिंह से ढाई लाख रुपये में एक बीघा जमीन का सौदा किया था, जिसमें से वह 1.35 लाख रुपये दे भी चुका था। उसने पहले शर्तिया बैनामा की बात कही थी, लेकिन नहीं किया। इस पर वह रुपये वापस मांग रहा था। जब वह बंसरामऊ गांव में तरबूज खाने गया तो वहीं उसे मार डाला। 

लोन कराने उद्योग केंद्र आई थी शिवानी 

रामदुलारे और हत्यारोपी शिवानी की जान-पहचान जिला उद्योग केंद्र में हुई थी। शिवानी फूलों की खेती के लिए लोन कराने आई थी, लेकिन उसे किसी कारण ऋण नहीं मिल सका। इस पर उसने रामदुलारे से रुपये उधार मांगे और जमीन का शर्तिया बैनामा करने का आश्वासन दिया। उसके साथ उदैतापुर गांव की एक किशोरी भी गई थी। शिवानी ने ही उसकी जान-पहचान अमर सिंह उर्फ झब्बू से कराई थी। जमीन के लालच में रामदुलारे ने 1.35 लाख रुपये दे दिए, जो उसकी हत्या का कारण बन गए। 

प्रयागराज जाने की बात कहकर गया था

जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने बताया कि 9 जून को रामदुलारे घर प्रयागराज जाने की बात कहकर निकला था। उसने कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया था। केवल फोन कर छुट्टी मांगी थी। उन्होंने दो दिन घर जाने की अनुमति दे दी। अगले दिन उसकी बेटी ने फोन कर घर पर नहीं पहुंचने की बात कही तो उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस अधीक्षक को भी जानकारी दी थी। 

पुलिस का ऑपरेशन ‘दूरदृष्टि’ आया काम

चपरासी का शव 11 जून को ठठिया थाना क्षेत्र के बरियारपुरवा गांव के सामने नहर में बोरे में बंद मिला था। पुलिस ने अज्ञात के रूप में पोस्टमार्टम कराया। कपड़ों से जब पत्नी और बेटी ने शिनाख्त की तो पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली। कॉल डिटेल में शिवानी का नंबर ट्रेस हुआ। इस पर पुलिस ने बंसरामऊ से नहर तक के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें वह ऑटो रिक्शा ट्रेस हो गया, जिसमें शव को ले जाया गया था। पुलिस द्वारा ऑपरेशन ‘दूरदृष्टि’ के तहत लगवाए गए कैमरों से एक ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश हो गया।

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