हाईकोर्ट ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने का दिया आदेश

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प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रामपुर की स्वार विधान सभा सीट पर उपचुनाव कराने का आदेश दिया है। यह सीट यहां के विधायक अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन उच्च न्यायालय द्वारा रद किए जाने की वजह से रिक्त हो गई है। न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने नगर पालिका परिषद स्वार के …

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रामपुर की स्वार विधान सभा सीट पर उपचुनाव कराने का आदेश दिया है। यह सीट यहां के विधायक अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन उच्च न्यायालय द्वारा रद किए जाने की वजह से रिक्त हो गई है। न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने नगर पालिका परिषद स्वार के पूर्व अध्यक्ष शफीक अहमद द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया।

याची के अधिवक्ता विक्रांत पांडेय के मुताबिक स्वार विधान की सीट का चुनाव इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 दिसंबर 2019 को रद कर दिया था। क्योंकि वहां के निर्वाचित विधायक अब्दुल्ला खान ने गलत जन्मतिथि प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सात रिक्त सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। स्वार विधान सभा को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।

अधिवक्ता का कहना था कि जनप्र‌ि‌तिनधित्व कानून के तहत विधानसभा की सीट छह माह से अधिक रिक्त नहीं रखी जा सकती है, इसलिए स्वार की रिक्त सीट पर भी चुनाव कराया जाए। चुनाव आयोग की ओर से इस पर ‌आपत्ति की गई कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील लंबित है। दूसरे याची ने चुनाव आयोग को कोई प्रत्यावेदन नहीं दिया है इसलिए याचिका पोषणीय नहीं है।

याची के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा ‌कि उच्चतम न्यायालय द्वारा कोई स्थगन आदेश पारित नहीं है। उच्च न्यायालय को इस मामले में सीधे सुनवाई कर आदेश पारित करने का अनुच्छेद 226 में अधिकार है। राज्य सरकार का कहना था कि चुनाव अधिसूचना जारी करना निर्वाचन आयोग का काम है। राज्य सरकार स्वार सीट को रिक्त घोषित कर चुकी है। इसके बाद न्यायालय ने स्वार विधान सभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है।

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