Kanpur: मेजबानी के बादल छंटे, अब बढ़ी दर्शक क्षमता की चिंता, ग्रीनपार्क में केवल 15 हजार लोग ही देख सकते मैच

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। ग्रीनपार्क स्टेडियम से अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी का बादल छंट गया है, लेकिन दर्शक क्षमता की चिंता अभी भी बरकरार है। पुराने क्रिकेट स्टेडियमों में शुमार ग्रीनपार्क को दर्शक क्षमता के कारण ही मैच नहीं मिल रहे थे। तीन साल बाद टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका मिला है, लेकिन टी-20, वनडे मैचों में अभी भी बादल छाए हैं। 45 हजार क्षमता वाले स्टेडियम की मौजूदा स्थिति 15 हजार दर्शक क्षमता की है। इसलिए फिलहाल जब तब क्षमता नहीं बढ़ती है, टेस्ट मैच का ही आनंद लेना होगा। 
 
यूपीसीए के अनुसार ग्रीनपार्क की दर्शक क्षमता 15 हजार की है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय मैच तो दूर यूपी टी-20 लीग के आयोजन भी नहीं हो पा रहे थे। बीते साल यूपी लीग के दौरान लोक निर्माण विभाग ने जांच कराई तो ग्रीनपार्क की दर्शक क्षमता 22,230  बताया था। बता दें कि ग्रीनपार्क में आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के मध्य टेस्ट मैच के रूप में हुआ था। 2017 में इन्हीं दोनों देशों के बीच आखिरी वनडे और टी-20 भी भारत व इंग्लैंड के बीच खेला गया था। 

इसके बाद ही लोक निर्माण विभाग ने यूपी टी-20 लीग के दौरान ही दर्शक क्षमता का आंकलन किया था। जांच करने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राहुल के अनुसार उस समय दर्शक क्षमता 22,230 बताई थी। विभाग के अनुसार कई दीर्घाएं जर्जर थीं। इस हिसाब से क्षमता और कम हो सकती है। दर्शक क्षमता कम होने का कारण स्टेडियम का रख-रखाव न होना बताया था। 

उसी समय यूपीसीए के सीईओ ने क्षमता 20 हजार के करीब बताई थी। यूपीसीए के अनुसार ठीक से 15 हजार की क्षमता मानी जाए, क्योंकि मैच के दौरान एलईडी लगने से उस गैलरी में दर्शकों का प्रवेश वर्जित होता है। इस कारण पांच हजार की क्षमता कम कर देते हैं। वहीं खेल विभाग के अनुसार दर्शक क्षमता 27,400 है, जो 2021 भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच के दौरान थी।

इस तरह घटी दर्शक क्षमता

वर्ष 1945 में जब ग्रीनपार्क स्टेडियम का निर्माण हुआ, तब दर्शक क्षमता 45000 के करीब थी। उस समय स्टेडियम में मौजूद स्टूडेंट गैलरी विश्व की सबसे बड़ी गैलरी थी। जो वर्ष 2013 में डायरेक्टर पवेलियन और वीवीआईपी पवेलियन बनने के बाद गायब हो गई। तब स्टेडियम की क्षमता 32 हजार हो गई थी। इसके बाद यूपीसीए गैलरी की जगह न्यू प्लेयर पवेलियन निर्माण से क्षमता 27,400 पहुंची, जो घटकर 22,230 रह गई है। 

ग्रीनपार्क पर अजीब संकट 

लोक निर्माण विभाग के अनुसार रख-रखाव के कारण दर्शक क्षमता कम हो रही है। वहीं यूपीसीए भी कम दर्शक क्षमता के कारण मैच न हो पाना बताता है। जब दर्शक क्षमता कम होने का कारण रख-रखाव ही है तो ग्रीनपार्क प्रशासन क्या करें। ग्रीनपार्क स्टेडियम को एमओयू के तहत यूपीसीए ने अपने पास ले रखा है। 

करार में साफ है कि स्टेडियम के अधिपत्य के उसके हिस्से के पूरे रख-रखाव की जिम्मेदारी यूपीसीए की होगी। जबकि यूपीसीए केवल बड़े इवेंट पर ही आगे आता है। रख-रखाव के अभाव में कुर्सियां टूट रहीं है, शीशे चटक रहे हैं। दर्शक क्षमता घटती जा रही है। जब मेजबानी का समय आता है तो यूपीसीए खुद कहता है कि ग्रीनपार्क की दर्शक क्षमता 15 हजार की ही है। 

यह भी जानें
 
प्लेयर पवेलियन व डायरेक्टर पवेलियन की सीटें नहीं बेची जाती है। इनके पास जारी होते हैं। डायरेक्टर पवेलियन की 70 प्रतिशत सीट खेल निदेशालय के अधीन होती है। इसमें अन्य किसी का दखल नहीं होता है।

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