Kanpur: केपीएम में चलेगी ओपीडी, खत्म किया जा सकता अस्पताल, भवन को IIT टीम ने सर्वे में बताया जर्जर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। कमलापत मेमोरियल चिकित्सालय का भवन जर्जर है। वर्तमान भवन के ढांचे पर अतिरिक्त भार भी नहीं डाला जा सकता है, क्योंकि जर्जर हालत होने से कभी भी हादसा हो सकता है। आईआईटी के अध्ययन दल की इस रिपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केपीएम में सिर्फ ओपीडी का ही संचालन होगा। मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। इसकी वजह यह है कि मरीजों का यहां पर भर्ती होना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि इस बाबत अंतिम निर्णय सरकार को लेना है कि केपीएम अस्पताल का पुनार्निर्माण किया जाएगा या मरम्मत आदि कराकर इसका उपयोग जारी रखा जाएगा।

बिरहाना रोड स्थित कमलापत मेमोरियल चिकित्सालय का कुछ माह पहले आईआईटी टीम ने सर्वे किया था। दो जगह दीवारों पर धमाका करने पर दरारें सामने आई थीं। इसके बाद टीम ने कुछ जगहों पर गड्ढा करके बुनियाद को भी परखा था, जिसमें स्थिति खराब मिली थी। इसके बाद सर्वे टीम ने माना था कि केपीएम अस्पताल भवन की हालत जर्जर है।  सीएमसस डॉ.आरसी यादव ने आईआईटी के सर्वे के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों व शासन को भेज दी है। 

जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच हुई बैठक में केपीएम अस्पताल के संबंध में वार्ता की गई है। हालांकि विभागीय स्तर से अधिकारी अस्पताल को बचाने की कोशिश में लगे है, क्योंकि यह अस्पताल पुराना जरूर है, लेकिन पांच लाख से अधिक आबादी के बीच में है। यहां  प्राथमिक उपचार के साथ जरूरत पड़ने पर माइनर सर्जरी भी की जाती है। इस अस्पताल की वजह से उर्सला व डफरिन अस्पताल पर लोड भी कम पड़ता है। 

क्षेत्र के बीमार लोगों को इलाज के लिए दूर स्थित अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इसलिए अधिकारियों के बीच चर्चा में इस बिंदु पर विचार किया गया है कि सर्वे के मुताबिक अस्पताल भवन की स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन अस्पताल के सुरक्षित भाग में ओपीडी का संचालन जारी रखा जा सकता है। फिलहाल अधिक मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। केपीएम में मौजूद उपकरण, पलंग, गद्दे आदि सामान को नौबस्ता मौरंग मंडी स्थित निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल में रखा जा सकता है या अन्य अस्पताल को मदद दी जा सकती है। 

सरकार द्वारा बजट जारी होने पर बन सकती बात 

शासन के अधिकारियों को फैसला लेना है कि पांच लाख आबादी के बीच बने केपीएम अस्पताल का ध्वस्तीकरण कर पुनार्निर्माण किया जाए या वर्तमान भवन को ही मरम्मत कार्य के बाद उपयोग में लाया जाए। दोनों ही काम के लिए बजट जारी होना है। सीएमएम डॉ.आरसी यादव के मुताबिक अस्पताल में वर्तमान में ओपीडी का संचालन हो रहा है और मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य विभाग को मरीजों की सुरक्षा और सुविधा दोनों का ख्याल रखना है। केपीएम अस्पताल के संबंध में शासन को फैसला लेना है। यहां के उपकरण किस अस्पताल भेजे जाएंगे, ताकि वह खराब न हो, इस संबंध में जल्दी ही विभागीय बैठक की जाएगी। -डॉ.आलोक रंजन, सीएमओ

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