बरेली: पुलिस के संरक्षण में खुलेआम बिक रहा चरस-गांजा

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संजय शर्मा, बरेली। पुलिस में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद एसएसपी ने क्राइम ब्रांच के दरोगा और सिपाही, इज्जतनगर की महिला दरोगा और चौकी इंचार्ज समेत सिपाही पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इसके बाद भी पुलिस में उगाही का खेल चल रहा है। बीट सिपाही और दरोगा अपने इलाके में चरस, गांजा, स्मैक …

संजय शर्मा, बरेली। पुलिस में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद एसएसपी ने क्राइम ब्रांच के दरोगा और सिपाही, इज्जतनगर की महिला दरोगा और चौकी इंचार्ज समेत सिपाही पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इसके बाद भी पुलिस में उगाही का खेल चल रहा है। बीट सिपाही और दरोगा अपने इलाके में चरस, गांजा, स्मैक बिकवा रहे हैं। नशे का कारोबार करने वाले खुलकर बता रहे हैं कि उनकी सेटिंग है। पुलिस उनकी दुकान पर नहीं आएगी।

सुभाष नगर में चरस, गांजे और अफीम को खुलेआम बेचा जा रहा है। बदायूं रोड पर कुमार पेट्रोल पंप के पास एक खोखे में सुबह से लेकर रात तक चरस, गांजा बेचा जाता है। लखनऊ से आकर मादक पदार्थ बेचने वाला यह तस्कर लंबे समय से यहां से काम कर रहा है। उसका कहना है कि उसकी पुलिस से उसकी अच्छी सेटिंग है, इसलिए उसके यहां पुलिस नहीं आती। वह इसके लिए सिपाहियों को चढ़ावा चढ़ाता है। उसकी दुकान में चाहे कितनी भी भीड़ हो लेकिन पुलिस दुकान पर नहीं आ सकती। लोग उसके यहां दूर-दूर से चरस, गांजा लेने आते हैं। वह जिसे जानता है, उसे ही माल बेचता है। अंजान लोगों को वह एकदम सामान नहीं देता है। पुलिस से मिलकर वह अपने काम को अंजाम दे रहा है।

पुलिस आई, सायरन बजाया और चली गई
दुकानदार का जो वीडियो कैमरे में कैद हुआ है। उसमें वह अपनी बातें चरस खरीदने वाले को बता ही रहा था कि अचानक वहां चीता पुलिस आ गई। खरीदार ने पूछा कि कोई डरने की बात तो नहीं है तो दुकानदार बोला शांति से खड़े रहिये पुलिस वहां नहीं आएगी। इसी बीच पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए वहां से चली गई।

वीडियो में कैद बातचीत के अंश
खरीदार- कल शाम को लड़का भेजा था तुमने माल नहीं दिया।
तस्कर- अनजान होगा इसलिए नहीं दिया।
खरीदार- अब पुड़िया है 60 वाली।
तस्कर- हां है।
खरीदार- लाओ दो।
तस्कर- लो।
खरीदार- ढंग की निकालो, यह सूखी हुई है।
तस्कर- ये लो दूसरी, ये तो सही है।
खरीदार- पुलिस का डर तो नहीं रहता यहां।
तस्कर- कोई डर की बात नहीं। पुलिस वाले आते हैं और चले जाते हैं।
खरीदार– तुम बैठते हो यहां या कोई और भी रहता है।
तस्कर- नहीं मैं ही बैठता हूं।
खरीदार- कहां के हो।
तस्कर- बिहार नहीं लखनऊ के हैं, अब यहीं पर रहने लगे हैं।
खरीदार- किराये पर रहते हो।
तस्कर- हां।
खरीदार- चलो चलता हूं। फिर आऊंगा।

“यदि कोई पुलिसकर्मी तस्करों के साथ मिलकर नशे का काम करवा रहा है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नशा बेचने वाले को भी गिरफ्तार किया जाएगा।” -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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