बाराबंकी: चोरी की योजना बनाते आठ को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 70 लाख रुपये की चंदन की लकड़ी, 59 लाख रूपये की स्मैक व तमंचा सहित अन्य सामान बरामद

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Edited By Amrit Vichar
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59 लाख रूपये की स्मैक व तमंचा सहित अन्य सामान बरामद, दिन में रेकी कर जिले व आसपास के जनपदों में चोरी की घटनाओं को देते रहे अंजाम

बाराबंकी, अमृत विचार। पुलिस ने चोरी की योजना बना रहे एक बडे़ गिरोह का पर्दाफाश कर आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह गिरोह बाराबंकी ही नहीं आसपास के जनपदों में रेकी कर मौका देखकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा को कमान सौपी गई।

सीएन सिन्हा के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी नगर जगतराम कनौजिया ने स्वाट सार्विलेस व शहर कोतवाली की संयुक्त टीम बनाकर डिजिटल डेटा व स्थानीय मुखबिरों की सहायता से बुधवार को डकैती की योजना बना रहे मध्यप्रदेश निवासी अरकाश पुत्र अजय कुमार, अजय कुमार पुत्र कोचिस, जलबाज पुत्र अजय कुमार, खेलवर पुत्र जानी, संजू पुत्र मन्टु, एलवर पुत्र अर्जुन, अर्जुन पुत्र कुंजीलाल, जरकास पुत्र दरकास को ओबरी जंगल के गिरफ्तार कर लिया।

इस गिरोह में एक नाबालिग भी शामिल है। जिसे बाल संरक्षण में दिया गया। पकड़े गये अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने ओबरी जंगल से चंदन की लकड़ी के चार बोटे, 590 ग्राम स्मैक, एक तमंचा, तीन कारतूस, तीन चाकू, लकड़ी काटने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आरी, नकब लगाने का उपकरण, चांदी की सिल्ली व अन्य चोरी की गई वस्तुएं बरामद की गई।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि पकड़े गये अभियुक्त परादी गिरोह के सदस्य के रूप में काम करते हैं और एक जगह स्थायी रूप से नहीं रहते। सभी पकड़े गए अभियुक्त मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में यह बात निकल कर सामने आई कि पकड़े गए अभियुक्त कस्बों, गांव व आसपास के जनपदों में घूमघूम कर रेकी करते थे और मौका मिलने पर चोरी की घटना को अंजाम देते थे।

गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों ने चंदन के तीन हरे पेड़, शहर क्षेत्र से मौका देखकर काट लिये। इस वारदात का मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज है। अभियुक्तों से पूछताछ की गई तो यह बात भी निकल कर सामने आई कि गिरोह द्वारा दक्षिण टोला बंकी के आर्मी क्षेत्र की बाउंड्री के पीछे बने मकानों का ताला तोड़कर नकदी व जेवरात इन अभियुक्तों द्वारा चुराया गया था। शातिर चोरों ने चोरी किए गए चांदी के जेवरात को पिघला कर सिल्ली बना लिया था। जिसे यह बेचने की फिराक में थे।

पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि चोरी की घटना के बाद जो भी फायदा होता था, यह सब मिलकर आपस में बांट लेते थे। अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने बताया कि इस टास्क में लगी पुलिस टीम को बीस हजार रुपये पुरस्कार के रूप में दिया जा रहा है। अभियुक्तों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। अभियुक्तों के अपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।

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