UP में पर्यटन की असीम संभावनाएं, बोले सीएम योगी- जून में पड़ी गर्मी के लिए हम सबकी स्वार्थी गतिविधियां जिम्मेदार

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जून की गर्मी देश-प्रदेशवासियों को लंबे समय तक याद आएगी। तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा था। लोग असहाय और असमंजस की स्थिति में थे। इसके लिए उत्तरदायी हम सबकी स्वार्थी गतिविधियां ही हैं। स्वयं के स्वार्थ के लिए प्रकृति के दोहन की प्रवृत्ति के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई। इस क्रम में उन्होंने राजधानी में कुकरैल नदी को नाला बनाकर लोगों के अवैध निर्माण कर लेने का उदाहरण दिया जिसे हाल ही में हटाया गया है। मुख्यमंत्री बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में ईको टूरिज्म पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

यहां उन्होंने कहा कि कभी कुकरैल आदि गंगा गोमती की सहायक नदी थी। गर्मी में जब नदियों और जल के स्रोत सूख रहे थे तो कुकरैल में जल के नए स्रोत बन रहे थे। पीलीभीत से निकलकर वाराणसी में गंगा नदी के साथ इसका मिलन होता है, लेकिन कुकरैल नदी को नाला बनाकर लोगों ने अवैध निर्माण कर लिया। चार दशक में कब्जा इतना बढ़ गया कि न केवल यह नदी, बल्कि पर्यावरण के लिए चुनौती बन गया। हम लोगों ने कुकरैल को नदी बनाने की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी। आठ हजार से अधिक अनधिकृत कब्जों को हटाया। दोषियों को दंडित किया और कइयों को पुनर्वास किया।

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योगी ने कहा कि, हम लखनऊ में कुकरैल के पास नाइट सफारी बना रहे हैं। इसके पहले कुकरैल नदी को जीवित करेंगे। ईको टूरिज्म डवलपमेंट बोर्ड आगाह कर रहा है कि मनोरंजन व ज्ञानवर्धन के लिए हम प्रकृति के उपहार का उपयोग करें, लेकिन भावी पीढ़ी को लंबे समय तक उपहार मिलता रहे। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हमें लेनी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक्र उप्र. में पौराणिक काल के वन हैं। राज्य के तराई क्षेत्र (बहराइच, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बलरामपुर, पीलीभीत) में वन सुरक्षित हैं, जबकि उस पार नेपाल में वन समाप्त हो गए हैं। चूका, दुधवा, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अब चित्रकूट व बिजनौर के अमानगढ़ में टाइगर रिजर्व को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। स्प्रिचुअल टूरिज्म के साथ ही हैरिटेज व ईको टूरिज्म की संभावनाएं भी मौजूद हैं। उन्हीं संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने लाने, लोगों का आकर्षण बढ़े,, इस दृष्टि से उप्र. ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड गठित किया गया है।

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कार्यक्रम में संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्यमंत्री केपी मलिक, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव (वन-पर्यावरण) मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव (पर्यटन-संस्कृति) मुकेश कुमार मेश्राम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुधीर कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।

उप्र ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लोगो का अनावरण

सोनभद्र में सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की मान्यता मिले, इसके लिए ईको टूरिज्म विकास बोर्ड एवं बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान लखनऊ के मध्य एमओयू भी किया गया। नई ईको पर्यटन इकाई स्थापित करने वाले जालौन के केशवेंद्र सिंह, मनीष मल्होत्रा समेत तीन लोगों को योगी ने सम्मानित भी किया और यहां लगी प्रदर्शनी भी देखी। कार्यक्रम में ईको पर्यटन पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री उप्र ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लोगो का अनावरण किया।

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