एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बना रहेगा पाकिस्तान
पेरिस। आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को पनाह दी जा रही है यह बात एक बार फिर तब साबित हो गयी जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में फैसला लिया गया कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखा जाएगा। गत 21 अक्टूबर से शुरु हुई …
पेरिस। आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को पनाह दी जा रही है यह बात एक बार फिर तब साबित हो गयी जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में फैसला लिया गया कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखा जाएगा। गत 21 अक्टूबर से शुरु हुई तीन दिवसीय इस बैठक में यह फैसला तब लिया गया है जब एफएटीएफ के एक्शन प्लान के सभी 27 मापदंडों का पालन करने में पाकिस्तान विफल रहा है।
बैठक में तुर्की ने पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए उसका बचाव किया तथा उसे ग्रे लिस्ट से बाहर रखने की वकालत की। दरअसल, पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने की कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन पाकिस्तान इसमें सफल होने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। पाकिस्तान पर लगातार आतंकियों को पनाह दिए जाने के आरोप लग रहे हैं। साथ ही वह एफएटीएफ के मापदंड़ों को पूरा करने में नाकाम रहा है जिसके बाद पाकिस्तान को एक बार फिर से ग्रे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला लिया गया है।
वहीं एफएटीएफ प्लेनरी में तुर्की ने प्रस्ताव दिया कि 27 में से शेष छह मापदंडों को पूरा करने के लिए इंतजार करने की बजाय सदस्यों को पाकिस्तान के अच्छे काम पर विचार करना चाहिए। साथ ही एक एफएटीएफ ऑन-साइट टीम को अपने मूल्यांकन को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान का दौरा करना चाहिए। वहीं जब प्रस्ताव को 38 सदस्यीय प्लेनरी के सामने रखा गया तो किसी भी सदस्य ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। यहां तक कि चीन, मलेशिया या सऊदी अरब ने भी इसको मंजूरी नहीं दी। अब एफएटीएफ ने अगले साल फरवरी की अगली समीक्षा तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला किया है।
