लखनऊ: अभियंताओं पर कार्रवाई से संगठन के पदाधिकारियों में उबाल
लखनऊ, अमृत विचार। बिजली चोरी कराने के आरोप में निलंबित हुए अभियंताओं को लेकर जूनियर इंजीनियर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया है। संगठन की ओर से शनिवार को आपात बैठक बुलाई गई और आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि हम अपने सहयोगियों के …
लखनऊ, अमृत विचार। बिजली चोरी कराने के आरोप में निलंबित हुए अभियंताओं को लेकर जूनियर इंजीनियर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया है। संगठन की ओर से शनिवार को आपात बैठक बुलाई गई और आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि हम अपने सहयोगियों के निलंबन से आक्रोशित हैं। उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया और कार्रवाई की गई।
आपात बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि सोमवार को अभियंताओं के निलंबन वापसी के लिए प्रदर्शन होगा। इसके बाद आगे का निर्णय किया जाएगा। इंजीनियर दिनेश प्रजापति और विवेक तिवारी ने बताया कि संगठन के चार अभियंताओं को बिजली चोरी के मामले में फंसाकर सस्पेंड कर दिया गया। ठाकुरगंज और बीकेटी में हुए बिजली चोरी के खुलासों में इन अभियंताओं को कोई हाथ नहीं रहा है।
उन्हें सिर्फ और सिर्फ बलि का बकरा बनाया गया है। बिल्डरों या उपभोक्ताओं द्वारा खुद से ही कटिया डालकर चोरी की जा रही थी। इन दोनों मामलों में बिना वजह के हमारे सदस्यों और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई, जो कि निंदनीय है। हम इस तरह की कार्रवाई जूनियर अभियंताओं के कामों को प्रभावित करने और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए की गई हैं। बता दें कि बीकेटी में हुए बिजली चोरी के मामले में सूत्रों के अनुसार अधिशासी अभियंता हनुमान प्रसाद का विवरण देते हुए कार्रवाई की गई है।
जबकि सूत्रों ने बताया एचपी मिश्रा ने दबाव में कार्रवाई के लिए प्रबंधन को लिखा। वे इन दोनों अभियंताओं पर कार्रवाई नहीं चाहते थे। हनुमान प्रसाद के मुताबिक जहां पर बिजली चोरी पकड़ी गई है। वो वीआईपी क्षेत्र हैं। यहां पर हाईप्रोफाइल लोग रहते हैं। ऐसे में इन जगहों पर बिजली चोरी की संभावना बहुत कम रहती है। जिस वजह से कभी भी यहां पर अभियंताओं का ध्यान नहीं गया।
बता दें कि 20 अक्टूबर को विजिलेंस ने छापेमारी करके एक अपार्टमेंट में 28 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी थी। इस प्रकरण में जूनियर इंजीनियर और उपखंड अधिकारी के चोरी कराने का आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया गया। इस दौरान निलंबित अधिकारियों ने पूरी तरह से बिजली चोरी कराने के आरोप से इंकार कर दिया था। लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई सुनवाई नहीं करते हुए कार्रवाई कर दी गई।
वहीं 23 अक्टूबर शुक्रवार को बीकेटी में गुप्त सूचना के आधार पर विजिलेंस ने बड़े अधिकारियों को एक निर्माणाधीन रो हाउस पर छापेमारी की, जहां पर 38 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। इस केस में भी अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी को बिजली चोरी में दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया गया।
