लखीमपुर खीरी: मवेशी चराने गए किसान को बाघ ने बनाया निवाला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखीमपुर खीरी,अमृत विचार। मवेशी चराने गए एक युवक पर बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक पूरा मामला तिकुनिया कोतवाली क्षेत्र के मंझरा पूरब का है। मंझरा पूरब निवासी अवधेश यादव (25) …

लखीमपुर खीरी,अमृत विचार। मवेशी चराने गए एक युवक पर बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला तिकुनिया कोतवाली क्षेत्र के मंझरा पूरब का है। मंझरा पूरब निवासी अवधेश यादव (25) पुत्र बदलू शनिवार सुबह मवेशी चराने खेतों की तरफ गया था जहां घात लगाए बैठे एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाघ के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ ही महीनों के अंतराल पर बाघ कई लोगों को अपना निशाना बना चुका है।

इसी गांव के निवासी राम दुलारे ने बताया कि अवधेश अपने कुछ साथियों के साथ शनिवार सुबह मवेशी चराने खेतों की तरफ गया था। अवधेश के साथ में उसके कुछ साथी भी थे जिनके बीच से बाघ अवधेश को उठाकर जंगल की तरफ ले गया। उन्होंने बताया कि बाघ के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी बाघ कई लोगों को अपना निशाना बना चुका है।

कई लोगों को निशाना बनाने के बाद अब यह बाघ आदमखोर हो चुका है। बाघ जैसे ही किसी इंसान या जानवर की आवाज सुनता है वह जंगल से निकलकर बस्ती की तरफ आ जाता है और किसी ना किसी इंसान या जानवर को अपना निवाला बना लेता है। आदमखोर बाघ की दहशत से स्थानीय लोग इस कदर सहमे हुए हैं कि वह अपने घर से निकलने में भी डरते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं तब वन विभाग के लोग आते हैं और ग्रामीणों को जंगल की तरफ ना जाने की सलाह देकर वापस चले जाते हैं। बाघ द्वारा लगातार हो रहे हमले और लोगों की चीख पुकार सुनकर भी वन विभाग की नींद ना खुलना तथा कोई पुख्ता इंतजाम ना किया जाना वन विभाग पर सवाल निशान लगा रहा है।

संबंधित समाचार