बरेली: घरों और मंदिरों में हुए हवन, कराया गया कन्याभोज
बरेली,अमृत विचार। शारदीय नवरात्र पर्व पर श्रद्धालुओं ने अष्टमी महागौरी मां एवं नवम सिद्धीदात्री देवी की मंदिरों में जाकर श्रद्धा भक्ति भाव से पूजा-अर्चना और नौ दिन से चल रहा व्रत कन्या भोज के बाद तोड़ा। स्थानीय मन्दिरों में प्रातः से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। मन्दिरों में अष्टमी महागौरी एवं नवम सिद्धीदात्री …
बरेली,अमृत विचार। शारदीय नवरात्र पर्व पर श्रद्धालुओं ने अष्टमी महागौरी मां एवं नवम सिद्धीदात्री देवी की मंदिरों में जाकर श्रद्धा भक्ति भाव से पूजा-अर्चना और नौ दिन से चल रहा व्रत कन्या भोज के बाद तोड़ा। स्थानीय मन्दिरों में प्रातः से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। मन्दिरों में अष्टमी महागौरी एवं नवम सिद्धीदात्री देवी की पूजा-अर्चना करने के लिये भक्तजनों की अपार भीड़ लगी रही। कई मन्दिरों में तो लोगों को पूजा-अर्चना करने के लिये लाइनें भी लगानी पड़ी।
नवरात्र के पर्व पर शनिवार को अष्टमी व नवमी एक दिन होने से हवन के बाद कन्या पूजन किया गया। उत्तम संयोग के बीच ज्यादातर लोगों ने नवमी तिथि पर ही कन्या पूजन किया। अष्टमी सुबह छह बजकर 57 मिनट तक ही थी और इसके बाद नवमी शुरू हो गई। जिसमें कन्या पूजन के साथ ही माता रानी की कृपा प्राप्त करने का उत्तम संयोग मिला। शनिवार को धोपश्वर नाथ मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर, नवदुर्गा मंदिर में नवमी तिथि आरंभ होने के बाद कन्या पूजन किया गया।
नवदुर्गा मंदिर के महंत किशोर नाथ ने कहा कि नवरात्र के बाद भी पूरे साल माताओं, बहनों व कन्याओं का सम्मान किया जाना चाहिए। चौरासी घंटा मंदिर में भी कन्या पूजन के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी संपन्न हुई। पुजारी रविंद्र मोहन ने नवरात्र का महत्व बताते हुए कहा कि नवरात्र में देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
शहरभर में घरों में कन्या जिमाने का सिलसिला चल रहा है। कहीं-कहीं लोग कन्याओं को उनके घर जाकर ही कन्या भेज कर रहे थे। मंदिरों में दिनभर पूजन का क्रम जारी रहेगा। जबकि, शाम को भजन संख्या और आरती की गई। बता दें कि कन्या पूजन में 09 कन्याओं को भोज व दक्षिणा देना पुण्यकारी होता है। इन कन्याओं को दुर्गा के नौ अवतार के रूप में माना जाता है।
