कासगंज: दूध से स्नान करते हैं भोले बाबा, प्रसाद के रूप में बांटा जाता है दूध

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अभिषेक भारद्वाज, कासगंज, अमृत विचार। भोले बाबा को उनके अनुयायी भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं। अगर सेवादारों की मानें तो भोले बाबा दूध से स्नान करते हैं। स्नान के बाद वह दूध प्रसाद के रूप में अनुयायियों के बीच बांट दिया जाता है। उनके साथ रहने वाली महिला सेवादार उनके चमत्कार का प्रसाद बताकर लोगों को उनका अनुयायी बनने के लिए प्रेरित करती है। 

नारायण साकार हरि भोले बाबा के नाम से विख्यात सूरजपाल जिले की तहसील पटियाली के गांव बहादुरनगर के निवासी हैं। बाबा बनने के बाद वह अपने अनुयायियों के बीच अध्यात्मक गुरु ही नहीं बल्कि भगवान विष्णु के अवतार के रूप में पूजे जाने लगे। शहर में उनकी एक नहीं कई बार विशाल समागम हुए। लाखों की भीड़ उमड़ी। सत्संग के दौरान एक बार उनका साक्षात्कार करने का अवसर मिला। तब बाबा से उनके अनुयायियों ने एकांत में मुलाकात कराई। मुलाकात के दौरान बाबा और मैं तथा एक महिला सेवादार थी। 

साक्षात्कार जब शुरू हुआ तो पहले महिला सेवादार ने बाबा के महिमा के चमत्कारों का गुणगान किया। उसने बताया कि बाबा दूध से स्नान करते हैं और प्रसाद के रूप में यह दूध अनुयायियों के बांट दिया जाता है। महिला सेवादार ने बाबा की उंगली की ओर देखने को कहा। आंखें बंद कर एक साथ खोलने की बात कही। हमने ऐसा ही किया, लेकिन उंगली पर कोई चमत्कार दिखाई नहीं दिया। 

इसी तरह महिला सेवादार ने बाबा के मात्थे पर मध्य में निहारने के लिए गौर से देखने को कहा। महिला सेवादार का कहना था कि बाबा के माथे पर मणि जैसी चमक के साथ लौ दिखाई देगी। हमने इसे भी देखा, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। जब महिला सेवादार के दावे का प्रतिरोध किया तो वह वहां से उठ कर चली गई। बाबा ने स्वयं एक ही संदेश दिया कि मानव धर्म सत्य था, सत्य है और सत्य रहेगा। इसके बाद बाबा भी कक्ष से उठकर चले गए।

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