आठ माह बाद वीजा अनलाक, मुरादाबादी एक्सपोर्टर्स के भी चेहरे खिले
मुरादाबाद,अमृत विचार। वर्ष 2021 में दुनिया का पहला भौतिक फेयर की एक बड़ी अड़चन खत्म हो गई है। सरकार ने विदेशी नागरिकों व कारोबारियों के लिए वीजा अनलाक कर दिया है। आठ महीने बाद वीजा दिए जाने की अनुमति मिली तो भारत के निर्यातकों संग मुरादाबादी एक्सपोर्टर्स के भी चेहरे खिल गए। खासतौर पर एक्सपोर्ट …
मुरादाबाद,अमृत विचार। वर्ष 2021 में दुनिया का पहला भौतिक फेयर की एक बड़ी अड़चन खत्म हो गई है। सरकार ने विदेशी नागरिकों व कारोबारियों के लिए वीजा अनलाक कर दिया है। आठ महीने बाद वीजा दिए जाने की अनुमति मिली तो भारत के निर्यातकों संग मुरादाबादी एक्सपोर्टर्स के भी चेहरे खिल गए। खासतौर पर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) के अधिकारियों को भी फेयर के ऐतिहासिक होने की उम्मीद लगने लगी है। अब मार्च में होने वाले स्प्रिंग फेयर की चमक को और बढ़ाने के लिए ईपीसीएच और निर्यातक जुट गए हैं।
ईपीसीएच अगले साल स्प्रिंग फेयर को एक महीने पहले ही कराने जा रहा है। जो फेयर अप्रैल में होता था, उसका आयोजन मार्च में किया जाना तय किया गया है। इसके लिए 13 से 17 मार्च की तिथि भी तय कर ली गई है। फर्क की बात तो यह है कि जब कोविड काल में दुनिया के बड़े बड़े देश, भौतिक फेयर को लेकर असमंजस में है और लगातार इनके आयोजन को स्थगित कर रहे हैं, तब ईपीसीएच ने हिम्मत दिखाकर निर्यातकों का भी मनोबल बढ़ा दिया है।
वर्ष 2021 में सबसे पहले भौतिक फेयर करने वाला भारत के सामने विदेशी कारोबारियों का भारत आने को लेकर चिंता बनी हुई थी। कोविड काल के चलते पिछले आठ महीने से केंद्र सरकार ने वीजा पर रोक लगा रखी थी। अब उसने कुछ चुनिंदा वर्गों के लिए वीजा अनलाक कर दिया है, इसमें कारोबारी भी शामिल हैं। सरकार द्वारा जारी हुई इस अनुमति की जानकारी जैसे ही ईपीसीएच के अधिकारियों व पीतल नगरी के निर्यातकों को मालूम हुई, उनके चेहरे खिल गए। अब उम्मीद है कि फेयर में बायर्स काफी संख्या में आ सकेंगे। फेयर को यादगार और कारोबार के लिहाज से बेहतर बनाने के लिए निर्यातकों ने तैयारियां और तेज कर दी हैं।
जापान में बढ़ रहे कोरोना का भी सता रहा डर
भारत का सबसे ज्यादा फोकस जापान और अमेरिका के बायर्स पर रहता है। पर एक चिंता ने निर्यातकों और ईपीसीएच के अधिकारियों को परेशान कर दिया है। दरअसल जापान में दोबारा कोरोना संक्रमण के बढ़ने से यह स्थिति पैदा हुई है। ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि जापान में संक्रमण खत्म हो जाए तो वहां के कारोबारी भारत आ सकेंगे।
कहीं सर्दी में फिर पंख न फैलादे संक्रमण
जापान जैसे कुछ देशों में कोविड संक्रमण दोबारा फैलने के कारण निर्यातकों को भारत में भी इस तरह की घटना होने का डर सता रहा है। उपाध्यक्ष कमल सोनी का कहना है कि संक्रमण के मामले घटे हैं, यह अच्छी खबर है। बस सर्दी में यह दोबारा पंख न फैले, इसके लिए सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।
बढ़ेगा निर्यातकों का पंजीकरण
स्प्रिंग फेयर में शामिल होने के लिए निर्यातकों के स्टॉल भी अब बढ़ सकेंगे। निर्यातकों को लग रहा था कि बायर्स कम आएंगे तो स्टॉल में किया गया खर्च जाया न हो जाए। पर अब जब वीजा अनुमति दे दी गई है और भारत से भी कोविड संक्रमण कम होने लगा है तो अच्छे कारोबार की उम्मीद में निर्यातक इस फेयर में हिस्सा बनने के लिए तैयारी में जुट गए हैं। इस फेयर में रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई है।
राकेश कुमार, महा निदेशक, ईपीसीएच ने बताया कि वीजा मिलने से बायर्स के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है। भारत में कोरोना संक्रमण कम भी हो गया है। उम्मीद है कि वह जल्द ही पूरी तरह से साफ हो जाएगा। उम्मीद है कि स्प्रिंग फेयर में ज्यादा से ज्यादा बायर्स जुड़ेंगे। इससे निर्यात क्षेत्र को अच्छा फायदा होगा।
कमल सोनी, उपाध्यक्ष, ईपीसीएच ने बताया कि बायर्स और निर्यातकों के भौतिक सम्मेलन के लिए वीजा रोक हटनी बेहद जरूरी थी। सरकार ने ऐसा कर निर्यातकों की एक बड़ी चिंता दूर की है। बायर्स आएंगे तो भौतिक फेयर को मजबूती मिलेगी। ज्यादा से ज्यादा कारोबार होने की भी उम्मीद रहेगी।
