पीलीभीत में पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से तबाही...हर तरफ पानी ही पानी, कमिश्नर और आईजी ने परखे हालात

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: पहाड़ों समेत मैदानी क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद जिले के हालात भी बेकाबू हो गए। लगातार बारिश से देवहा और शारदा नदी भी उफना गई। नदियों का जलस्तर बढ़ने से शहर समेत पूरनपुर और कलीनगर के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। ट्रांस शारदा क्षेत्र में हालात बेकाबू होने की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर ​दिया।

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वहीं पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग भी पानी के तेज बहाव के चलते कट गया। ​जिससे कलीनगर तहसील क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। कई अन्य मार्ग भी कट गए। जिससे आवागमन ठप हो गया। कमिश्नर समेत डीएम-एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौराकर हालातों का जायजा लिया और संबं​धित अफसरों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जनपद में पिछले एक सप्ताह से रोजाना ही रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त चल ही रहा था। इसी बीच शारदा और देवहा नदी का जलस्तर भी रविवार से बढ़ना शुरू हो गया। रविवार शाम करीब आठ बजे शारदा बैराज से शारदा नदी में 2.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर में बढ़ोत्तरी के चलते अफसर पहले ही जनपद में बाढ़ की आशंका जता रहे थे। रविवार रात करीब एक बजे शारदा नदी में 3.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जिले में हालात बिगड़ गए।

वहीं देवहा नदी के जलस्तर में भी देर रात बढ़ोत्तरी होने लगी। देवहा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से शहर से सटे नावकूड़, चंदोई में सड़कों के साथ ही गांवों में भी पानी भरने लगा। सुबह होते-होते बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। सुबह चार बजे देवहा नदी में 41131 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

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देवहा ने शहर तो शारदा ने कलीनगर व पूरनपुर क्षेत्र में मचाई तबाही
देवहा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से सोमवार तड़के से ही बाढ़ जैसे हालात हो गए। देवहा नदी से सटे नावकूड़, चंदोई समेत आसपास के इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी घुसने लगा। घरों में भी बाढ़ के पानी ने दस्तक देनी शुरू कर दी। सुबह-सवेरे बाढ़ का पानी देख क्षेत्रवासियों में हड़कंप मच गया।

वहीं शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से कलीनगर तहसील के गांव नौजलिया नकटहा, नगरियाखुर्दकलां, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा, ग​भिया सहराई, मटैइयालालपुर, पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, बूंदीभूड़, महाराजपुर, गोरखडिब्बी, कंजिया सिंहपुर और पूरनपुर तहसील के गांव सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, वमनपुर भागीरथ, चंदिया हजारा, सिद्धनगर, बैल्हा, ​​खिरकिया बरगदिया आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। घरों में कई-कई फिट पानी भरने से लोगों ने सुर​क्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया। वही तमाम बाढ पीड़ितों ने घरों की छतों पर शरण ली है। इन सभी गांवों का संपर्क भी अन्य क्षेत्रों से कट चुका है। इन क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस और एसएसबी के टीमें बचाव कार्य मे लगी है।

पीलीभीत-माधोटांडा समेत कई अन्य मार्ग कटे, कलीनगर तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा
बारिश और बाढ़ के चलते कलीनगर तहसील को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग भी पानी के तेज बहाव के चलते गांव दयालपुर के समीप कट गया। इससे कलीनगर तहसील के गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। मण्डलायुक्त समेत डीएम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ अन्य सम्पर्क मार्ग भी कट गए।

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अफसरों ने परखे हालात
डीएम संजय कुमार सिंह एवं एसपी अविनाश पांडेय ने टीम के साथ देवहा नदी पुल पर पहुँच कर हालात परखे। इसके अलावा उन्होंने शहर के मोहल्ला बेनी चौधरी समेत अन्य इलाकों का भी जायजा लिया। मंडल आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने डीएम के साथ पीलीभीत- माँधोटांडा का मार्ग पर पहुंचकर कटे मार्ग का जायजा लिया।  इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा एडीएम वित्त रितु पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर, एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह ने भी शहर में घूम कर हालात परखे। इस दौरान एडीएम ने नगर पालिका ईओ को पानी निकास की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वही मंडल आयुक्त अफसर संग बैठक कर समीक्षा की और जिले के हालातो की जानकारी ली।

बारिश और बाढ़ के दृष्टिगत मंडलस्तरीय अधिकारी जिले में पहुंचे थे। मंडलाआयुक्त की ओर से सभी को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बारिश का पानी कम होते ही व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी है। -संजय कुमार सिंह जिलाधिकारी

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