बरेली: खानकाह-ए-नियाजिया से हुसैनी नारों के साथ निकला ऐतिहासिक जुलूस
बरेली, अमृत विचार। सूफी खानकाही रिवायत के साथ ख्वाजा कुतुब स्थित खानकाह-ए-नियाजिया से ऐतिहासिक ताजियों का जुलूस शनिवार शाम निकाला गया। इस दौरान ढोल ताशों की मातमी धुन सुनाई दे रही थी। हर तरफ हरे लिबास का सैलाब नजर आ रहा था। खानकाह-ए-नियाजिया में मोहर्रम में फकीरी लिबास पहनने की रिवायत है।

कासिम मियां नियाजी ने बताया कि सुबह खानकाह में लंगर बांटा गया और इमामबाड़े में सज्जादानशीन मेहंदी मियां ने हाजिरी दी। इसके बाद मलूकपुर स्थित इमामबाड़ा फतेहनिशान पर रिवायत के मुताबिक पोशाक पेश की गई। मगरिब की नमाज के बाद सज्जादानशीन मेहंदी मियां की कयादत में खानकाह से जुलूस निकला, जो गली वजीर अली, कटरा मानराय, बानखाना होता हुआ देर रात गढ़ी चौकी पहुंचा।
गढ़ी चौकी पर रात्रि विश्राम के बाद जुलूस रविवार सुबह नौ बजे रवाना होकर बानखाना रोड से होता हुआ कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप, सैयदों वाली गली होते हुए शराफत मियां, गली मनिहारान, बड़ा बाजार के रास्ते वापस खानकाह-ए-नियाजिया पहुंचा।
इस दौरान खानकाह प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी, जुनैदी मियां नियाजी, अस्करी मियां नियाजी, जाहिद मियां नियाजी, कमाल मियां नियाजी, कासिम नियाजी आदि मौजूद रहे। कासिम नियाजी ने बताया कि इस बार तबीयत खराब होने के कारण शब्बू मियां नियाजी पूरे जुलूस में शामिल नहीं हो सके। खानकाह से जुलूस रवाना होते वक्त उन्होंने ताजिया और तख्तों की जियारत की।
आज हजरत कासिम की शहादत करेंगे याद
शिया समुदाय में छह मुहर्रम को मजलिस मातम का दौर जारी रहा। इमाम हुसैन की याद में शनिवार सुबह पहली मजलिस मोहल्ला गढ़ैया इमामबाड़ा मुहम्मद शाह में हुई। इमामबाड़ा हकीम आगा साहब गढ़ैया, वसी हैदर गढ़ैया, महबूब हुसैन कंघीटोला, छिद्धि मुहम्मद कंघीटोला, दीवानखाना छीपीटोला, कबीर हसन छीपी टोला और रात्रि मजलिस इमामबाड़ा फतेह अली शाह काला इमामबाड़ा में हुई। ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी के मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि रविवार सात मोहर्रम को इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम की शहादत पर रात 8:30 बजे से जुलूस निकाले जाएंगे।
