Unnao News: तटवर्ती इलाकों में रहने वालों लोगों की बढ़ी मुसीबतें...गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार, सैकड़ों मकान जलमग्न
जिलाधिकारी के निर्देश पर बांटी गई राहत सामग्री
उन्नाव, अमृत विचार। पश्चिमी क्षेत्रों के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबतें दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर दिया। जिससे निचले इलाकों के करीब एक सैकड़ों से अधिक घरों के आस पास बाढ़ का पानी भर गया। जिससे यहां रहने वाले लोगों को मुसीबतें उठानी पड़ रही है।
बता दें कि पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने के कारण पश्चिम के बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा का पानी तेजी से चेतावनी बिंदु मंगलवार सुबह करीब 8 बजे 112 मीटर पार कर दिया। वहीं शुक्लागंज की ओर खतरे का निशान 113 मीटर हैं।
जलस्तर बढ़ने के कारण सैय्यद कम्पाउंड, कर्बला, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, शाही नगर, हुसैन नगर, मनसुख खेड़ा के निचले इलाकों में सैकड़ों मकानों के आस पास पानी भर गया है। जिससे यहां के रहने वाले लोगों ने छतों पर डेरा डाल लिया हैं। वहीं प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावें लगवाई गई हैं। जिससे लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
वहीं बैराज बांध के पोस्ट रीडर गेज उत्तम पाल ने बताया कि सोमवार को बैराज बांध से 2 लाख 63 हजार 9 सौ 41 क्यूसेक पानी, नरौरा बांध से 25 हजार 60 क्यूसेक पानी, हरिद्वार बांध से 38 हजार 2 सौ 23 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गुरसहायगंज गर्रा नदी से गंगा में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। वहीं कन्नौज की काली नादी से 50 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इसके अलावा रामगंगा से 78 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बांटी गई राहत सामग्री
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार अवनीश कुमार, नायब तहसीलदार स्नेहा यादव, क्षेत्रीय लेखपाल अशोक सैनी चंपापुरवा, गोताखोर और रविदास नगर के निचले इलाकों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने पचास परिवारों को राहत सामग्री बांटी। जिसमें दाल, चावल, तेल नमक, आलू आदि खाद्य सामग्री थी। वहीं बाढ़ को देखते हुये ओपीजेडी इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत केन्द्र खोलने के लिये लेखपाल को निर्देश दिये।
ये भी पढ़ें- कानपुर में पुलिस की गोतस्करों से मुठभेड़: खाकी पर झोंका फायर, दो के पैर में लगी गोली...गिरफ्तार
