बदायूं: गोवध के दोषी को पांच साल कारावास की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाया

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। गोवध करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार ने आरोपी को दोषी माना है। साथ ही दोषी को पांच साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की धनराशि अदा न करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उसहैत पर तैनात कृपाल सिंह ने 20 अप्रैल 2022 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शाम 7 बजे वह हमराही मनीष राठी, शिव कुमार, विकास के साथ सरकारी गाड़ी से शांति व्यवस्था बनाने के लिए गश्त कर रहे थे। ककराला चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि गांव मसूदपुरा के जंगल मे कुछ व्यक्ति गोवंश को वध के लिए ले जा रहे हैं।

पुलिसकर्मी मुखबिर के बताए स्थान पर गया को एक खेत के पास लगे यूकेलिप्टिस के पेड़ की आड़ में गेहूं के खेत में कुछ व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उन व्यक्तिओं को पकड़ने का प्रयास किया तो चार में से एक व्यक्ति पकड़ा गया। बाकी सभी आरोपी भाग गए। पास में ही लगभग 100 किलोग्राम गोमांस पड़ा था। कुछ कट्टों में भी गोवंश की आंतें, रस्सा, अमाशय था।

पकड़े हुए व्यक्ति से उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम थाना उसहैत क्षेत्र के गांव भंद्रा निवासी फरियाद पुत्र सादिक अली बताया। भागे हुए साथियों का नाम आरिफ उर्फ कालिया, तारिख और मुस्लिम बताए। गोवध करने का कारण पूछा तो आरोपी ने बताया कि वह लोग गोवध करके गोमांस को पन्नियों में भरकर बेचते हैं। इस मामले में पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के साथ ही भागे आरोपियों फरियाद, आरिफ, तारिख और मुस्लिम के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की।

उपनिरीक्षक ने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित किए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। तब से मामला न्यायालय मे विचाराधीन है। वहीं मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक पशुपति नाथ श्रीवास्तव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद दोषी फरियाद को पांच वर्ष की सजा सुनाई है।

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