हाथरस हादसे के 15 दिन बाद बाबा पहुंचे बहादुरपुर आश्रम, कहा- होनी को कौन टाल सकता है

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लखनऊ, अमृत विचार। नारायण विश्व साकार हरि भोले बाबा (सूरजपाल) बुधवार को लगभग एक वर्ष के लम्बे अंतराल और सिकंदराऊ में हुए हादसे के बाद अपनी जन्म भूमि पटियाली के बहादुरपुर स्थित आश्रम पर पहुंचे। बाबा के साथ उनके अधिवक्ता मौजूद रहे। 

इस दौरान नारायण विश्व साकार हरि भोले बाबा (सूरजपाल) ने आश्रम की व्यवस्था को देखा। बाद में कहा कि उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। चरण रज की बात  पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी सत्संग में मेरी तरफ से चरण रज की बात नहीं कही गई है। मेरे खिलाफ भ्रामक प्रचार करने वालों की यही सोंच है। यह हादसा था, होनी को कौन टाल सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों ने अपना परिवार खोया है, उनकी पूरी मदद की जायेगी।

बताया जा रहा है कि नारायण विश्व साकार हरि भोले बाबा की जन्म भूमि और कर्मस्थली कासगंज जनपद की पटियाली तहसील रही है। बहादुरपुर में उनका आश्रम है, लेकिन जैसे-जैसे बाबा का सितारा बुलंदी पर पहुंचता गया, बाबा जन्म भूमि से विमुक्त होते गये। लगभग 13 वर्ष पूर्व बाबा पटियाली के बहादुरपुर आश्रम पर प्रवास करते थे। उसके बाद उन्होंने जगह जगह अपने आश्रम बना लिए। 

14 वर्षो के दौरान 2023 में मात्र एक दिन के लिए बाबा आश्रम आए थे। अब हाथरस हादसे के 15 दिन बाद बहादुरपुर आश्रम पर पहुंचे। बाबा के साथ अधिवक्ता मौजूद रहे। बाबा के पहुंचने की सूचना अनुयायियों तक नहीं थी। उसके बावजूद भी सैकड़ों की संख्या में अनुयायी आश्रम पर पहुंच गए थे। 

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